राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा राजगीर की उप मुख्य पार्षद पर तथ्य छिपाने के आरोपों की जांच शुरू

 

रिपोर्ट : ब्यूरो, राम विलास, नालंदा, बिहार।
नालंदा;-राजगीर नगर पंचायत की उप मुख्य पार्षद पिंकी देवी द्वारा चुनाव के समय दिए गए शपथ पत्र में साक्ष्य छिपाने के आरोपों की जांच राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू कर दी गई। आयोग के सेक्रेटरी ने डीएम सह जिला निर्वाचित पदाधिकारी, नालंदा को जांच कर शीघ्र रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया है। राज्य निर्वाचन आयोग में लगाये गये आरोपों की निष्पक्ष जांच करने का आदेश डीएम द्वारा एसडीओ, राजगीर और थाना अध्यक्ष, राजगीर को दिया गया है।

आयोग द्वारा जांच की कार्रवाई शुरू करने से राजगीर में चर्चा का विषय बना गया है। जांचोपरांत शीघ्र रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया है। इसकी पुष्टि नगर पंचायत की वार्ड पार्षद अंजलि कुमारी ने की है। ज्ञातव्य हो कि राजगीर नगर पंचायत की वार्ड संख्या सात की वार्ड पार्षद अंजली कुमारी द्वारा चुनाव आयोग से यह शिकायत की गई थी। राज्य निर्वाचन आयुक्त के नाम संबोधित ज्ञापन में अंजली कुमारी द्वारा आरोप लगाया गया है कि उप मुख्य पार्षद पिंकी देवी द्वारा वर्ष 2017 में वार्ड संख्या 5 से पार्षद निर्वाचित हुई हैं।

उन्होंने नामांकन के दौरान दिए गए शपथ पत्र में तीन संतान की जगह दो ही संतान की चर्चा की है, जो बिहार राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों में अनुकूल सही नहीं है। उन्होंने कहा है कि सामाजिक, आर्थिक एवं जाति आधारित जनगणना – 2011 के अनुसार पिंकी देवी, पति अशोक कुमार राय के तीन संतान प्रिया कुमारी (पुत्री), आदित्य राज और रितिक राय (दोनों पुत्र) हैं। लेकिन शपथ पत्र में उप मुख्य पार्षद द्वारा केवल एक पुत्र और एक पुत्री की ही चर्चा की गई है।

आवेदिका वार्ड पार्षद अंजली कुमारी का आरोप है कि उप मुख्य पार्षद द्वारा सच्चाई को छुपाया गया है। क्योंकि राज्य निर्वाचन आयोग के नियमानुसार दो से अधिक संतान वाले पति-पत्नी चुनाव लड़ने के लिए योग्य नहीं हैं। आयोग के उसी नियम को छिपाकर पिंकी देवी पहले वार्ड संख्या- 5 से वार्ड पार्षद चुनी गई हैं। फिर नगर पंचायत की उप मुख्य पार्षद बनी हैं। वार्ड पार्षद अंजलि कुमारी ने बिहार राज्य चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच करा कर उनका वार्ड पार्षद निर्वाचन को रद्द करने की माँग की है। इसके साथ ही सही तथ्य को छिपाने के आरोप में उन पर कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की है।

एसडीओ संजय कुमार ने आरोपों को बहुत गंभीर बताया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह मेरे संज्ञान में अभी तक नहीं आया है। शपथ पत्र में तथ्यों को छिपाना गंभीर बात है। उनके संज्ञान में यह मामला आयेगा तब उसकी स्वच्छ और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा। निर्वाचन आयोग के नियमानुसार उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

वार्ड पार्षद अंजली कुमारी ने कहा कि मामले की जांच के लिए राजगीर थाना अध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक संतोष कुमार को भी अधिकृत किया गया है। थानाध्यक्ष ने मामला को बहुत गंभीर बताया है। थानाध्यक्ष द्वारा मामले की जांच पुलिस अवर निरीक्षक माया यादव से बहुत गोपनीय ढंग से करायी जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आयेगा वह उच्चाधिकारियों को अग्रेत्तर कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।

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