लघु भारत है आयुध निर्माणी नालंदा

रिपोर्ट;ब्यूरो राम विलास,नालंदा।
राजगीर;-महाप्रबंधक श्री मनोज श्रीधर वाघ ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि हमारी आयुध निर्माणी नालन्दा एक लघु भारतवर्ष का रुप है, जहां विभिन्न भाषाभाषी लोग एक साथ काम करते हैं।और पूरे सद्भाव के साथ एक दूसरे की सांस्कृतिक परंपराओं में शामिल होकर सामासिक संस्कृति का संवर्धन करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने भावों की अभिव्यक्ति अपनी मातृभाषा में जितनी बेहतर कर सकते है, उतनी अन्य भाषा में नहीं। आज की इस बहुभाषी काव्य संगोष्ठी का उद्देश्य यही है कि हम विश्व की समस्त भाषाओं के प्रति सम्मान और आदर का भाव प्रकट करते हुए अपनी-अपनी मातृभाषा के संवर्धन में अपनी भूमिका तय कर सकें।

सहायक निदेशक राजभाषा श्री लुईस एम खाखा ने विश्व मातृभाषा दिवस के उद्देश्य और इतिहास पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि हम सभी को विश्व की सभी भाषाओं का सम्मान करते हुए अपनी मातृभाषा के विकास और संवर्धन की दिशा में प्रयासरत रहना चाहिए।

अंत में श्री वाघ ने बहुभाषी काव्य संगोष्ठी के प्रतिभागियों को स्मृतिचिन्ह भेंट किए। इस अवसर पर अपरमहाप्रबंधक द्वय श्री एके सिंह व श्री सुनील सप्रे, संयुक्त महाप्रबंधक श्री सुधांशु प्रसाद, उपमहाप्रबंधक श्री हितेश व श्री बीएस भंडारी, लेफ्टिनेंट कर्नल दिलीप शेखर सहित समस्त अधिकारी मौजूद थे।

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