लचर ट्रैफिक व्यवस्था ने ली चार नौजवानों की जान

रिपोर्ट;ब्यूरो राम विलास,नालंदा।
राजगीर;-गुरुवार को राजगीर में हुई भीषण सड़क हादसे की चर्चा थमने का नाम नहीं ले रहा है।उस हादसे को लेकर लोग तरह – तरह की बातें कह रहे हैं।दुर्घटना को लेकर कोई लचर ट्रैफिक व्यवस्था, तो कोई मृतक के भाग्य को कोस रहे हैं।कुछ लोग बस वाले को तो कुछ लोग बाइक वाले को दोषी बता रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि राजगीर में ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त है।ट्रैफिक व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रहता तो उन चार नौजवानों की असमम मौत नहीं होती।पर्यटक शहर राजगीर में आये दिन ट्रैफिक नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है।पुलिस और प्रशासन के लोग तमाशबीन बने हैं।बिना हेलमेट वाले बाइकर्स को कोई रोकता टोकता भी नहीं है।ट्रिपल लोडिंग और चार लोडिंग सभी बेखौफ चल रहे हैं।

कोरोना गाइडलाइन के अनुसार मास्क लगाकर ही घर से निकलना है।लेकिन रोकटोक नहीं होने के कारण सभी लोग ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। राजगीर के हर चौक चौराहे और तिराहे पर चार – चार पुलिस की तैनाती की गयी है।जानकार बताते हैं कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी ड्यूटी पर कम मोबाइल पर अधिक ध्यान देते हैं।नाम न छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि राजगीर की ट्रैफिक व्यवस्था चुस्त दुरुस्त होती तो चार नौजवानों की असमय सड़क दुर्घटना गुरुवार को नहीं होती।एक बाइक पर सवार होकर चार नौजवान घरों से निकला तो किसी चौक चौराहे और तिराहे पर तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा उसे क्यों नहीं रोका टोका गया।

यदि उसे नहीं रोका टोका गया तो क्या इस बड़ी घटना के लिए पुलिस जिम्मेदार नहीं है।इस सवाल का जबाब हर कोई पुलिस प्रशासन से जानने के लिए आतुर हैं।चौक चौराहे पर तैनात पुलिस कर्मियों की जिम्मेदारी क्या है।केवल किसी मंदिर, दुकान के पास बैठकर मोबाइल देखने के लिए उनकी तैनाती की गयी है। इतना ही नहीं राजगीर में सघन पेट्रोलिंग की व्यवस्था है।उन युवकों को किसी पेट्रोलिंग पार्टी ने भी कहीं रोकने टोकने का काम नहीं किया।यदि रोकने टोकने का काम होता तो शायद वह चार यार सदा के लिए अलविदा नहीं होता।जानकार बताते हैं कि पुलिस को इस हादसे से नसीहत लेनी चाहिए और ट्रैफिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए हर संभव प्रयास करनी चाहिए।

किसी भी चौक चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मियों को यह जिम्मेवारी होनी चाहिए कि उनके सामने से कोई भी व्यक्ति ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर आगे न बढ़े।यदि ऐसा दुस्साहस कोई करता है, तो उसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ना चाहिए।चाहे वह किसी का पाल्य हो या किसी भी दल का सदस्य।राजगीर सेवा समिति के सेक्रेटरी सुरेंद्र प्रसाद ने कहा कि राजगीर के चौक चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी गैर जबाबदेह हैं।ड्यूटी की जगह वे सभी मोबाइल में व्यस्त रहते हैं।

उनका कहना है कि चार की जगह एक ही पुलिसकर्मी को तैनात किया जाए जो सक्रिय और मुस्तैद रहे।कानून की धज्जियां उड़ाने वाले को सबक सिखा सके। वरीय वार्ड पार्षद डा अनिल कुमार, श्रवण कुमार, मीरा कुमारी, सुबेन्द्र राजवंशी, पंकज कुमार, अभिषेक कुमार गोलू, जामा सिंह, डॉ प्रवीण कुमार, उद्धव उपाध्याय, साबो देवी एवं अन्य ने राजगीर की ट्रैफिक व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

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