लापरवाही बरतने के मामले में जमुई कोर्ट ने झाझा थानेदार का वेतन किया बंद

रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:- 11 वर्षीय बच्चे की हत्या के मामले में कई तिथि पर गवाह प्रस्तुत नहीं करने पर नाराज एडीजे चतुर्थ राकेश कुमार ने झाझा थानेदार दलजीत झा के वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश एसपी जमुई को दिया है।अपने आदेश की प्रति उन्होंने जिला कोषागार पदाधिकारी को भी भेजने का निर्देश दिया है। बताते चलें कि झाझा थाना के छापा गांव में 12 मार्च 2017 की शाम अपने घर से निकले जगदेव यादव के 11 वर्षीय पुत्र ललन कुमार की हत्या के मामले में एडीजे चतुर्थ ने गवाहों के खिलाफ सारी कार्रवाई पूरा करते हुए वारंट भी जारी किया ताकि मुकदमे को आगे बढ़ाया जा सके। कई तिथि पर थानेदार को इस बाबत सूचना और आदेश भेजे जाने के बावजूद झाझा थानाध्यक्ष ने कोर्ट के आदेश को गंभीरता से नहीं लिया जिस पर नाराज होकर एडीजे चतुर्थ राकेश कुमार ने झाझा थानाध्यक्ष के वेतन को बंद करने का निर्देश एसपी जमुई को दिया है। घटना के संदर्भ में विदित हो कि जगदेव यादव के 11 वर्षीय पुत्र की हत्या में अनुसंधान के दौरान पुलिस को हत्या के मामले में संलिप्त विनोद यादव कारु यादव ,प्रकाश यादव उर्फ मिसिर यादव, राम पुकार यादव और सत्येंद्र यादव का पता चला।इस मामले में प्रकाश यादव उर्फ मिसिर यादव 10 अक्टूबर 2017 से गिरफ्तार होकर जमुई जेल में बंद है। उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की गई है । इसके बावजूद गवाह के नहीं आने से कानूनी प्रक्रिया बाधित होने के साथ मुकदमा लंबित चला रहा है। जिसे न्यायालय ने गंभीरता से लेकर यह आदेश पारित किया। इन दिनों पुलिस का रवैया न्यायालय के आदेश के प्रति बड़ा ढुलमुल रहा है । जब पुलिस न्यायालय के आदेश के प्रति उदासीनता बरतने लगेगी तो कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना मुश्किल होगा।ऐसे कई गंभीर मामले हैं जब पुलिस पर हमले के घटनाओं और मुकदमों में भी पुलिस की उदासीनता से गवाह प्रस्तुत नहीं हुए और आरोपियों को बरी कर दिया गया।

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