लॉकडाउन ने छिन लिया रोजगार

 

फोटो – राजगीर बस स्टैंड में बन्द गुमटियां

रिपोर्ट;-ब्यूरो राम विलास,नालंदा।
राजगीर;-तेजी से फैल रहे वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए सरकार द्वारा पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है।लॉकडाउन लागू होने के बाद साधारण दुकानदारों, दैनिक मजदूरों, फुटपाथ दुकानदारों, रिक्शा चलाने वाले, गुमटी लगाकर पेट पालने वाले एवं अन्य बेहद परेशान हैं। लॉकडाउन लगने की वजह से ऐसे लोगों को कोई काम नहीं मिल रहा है।दुकानें बन्द हैं. इसके चलते परिवार चलाना और दो जुन की रोटी जुटाना मुश्किल हो गया है।

दैनिक मजदूरी करने और फुटपाथ पर दुकान लगाकर रोजी रोजगार करने वाले का परिवार चलाना बेहद मुश्किल जैसा हो गया है।जानकार बताते हैं कि कोरोना संक्रामण को रोकने के लिए लगाया गया लॉकडाउन ने हजारों गरीब लोगों का रोजगार छिन लिया है।लॉकडाउन लगने के कारण कई प्रकार के कामों और व्यवसाय पर सरकार द्वारा पाबंदियां लगाई गई हैं।व्यवसायिक रोक लगने और काम नहीं मिलने के कारण हजारों लोग के घर चुल्हा जलाने में परेशानी हो रही है।

राजगीर का बस स्टैंड हो या रेलवे स्टेशन, कुंड क्षेत्र हो या रोपवे क्षेत्र या बाजार का कोई भी इलाका सभी जगहों की गुमटियां पांच तारीख से ही बन्द हैं।यही हाल फल -सब्जी फुटपाथ दुकानदारों को छोड़कर अन्य दुकानदारों की है।लॉकडाउन लागू होने के बाद सड़क और ओवर ब्रिज सहित सभी निर्माण कार्य बन्द कर दिया गया है।इसका प्रतिकूल प्रभाव दैनिक मजदूरों के जीवन पर पड़ रहा है।राजगीर की सड़कों के किनारे लगी गुमटियों का नज़ारा खुद वहां कर रहा है।शादी विवाह का मौसम ह। लेकिन कोरोना के मद्देनज़र लगाई गई पाबंदियों के कारण डीजे और बैंड पर प्रतिबंध लगा है।

इस कारण डीजे और बैंड स्टाफ बेरोजगार हो कर सड़क पर आ गए हैं।कोरोना के चलते शादियों से बैंड बाजा और डीजे गायब हो गया है।लोग कम लोगों के साथ बहुत ही साधारण तरीके से शादी कर रहे हैं।ऐसे में डीजे और बैंड स्टाफ का रोजगार पूरी तरह से छिन गया है।उनके पास कोई काम नहीं है. इसी तरह रथ वाले बेहद परेशान हैं. कोरोना काल में हो रही शादियों में बारात नहीं निकल रही है।जिसके कारण रथ संचालकों के समक्ष बेरोजगारी की समस्या बढ़ गई है।

सूत्रों के अनुसार रथ संकलकों को घोड़े – घोड़ियों के खिलाने तक का खर्च नहीं निकल पा रहा है।लाइटिंग की भी डिमांड नहीं है. होम डेकोरेटर को भी घर में लाइटिंग का काम नहीं मिल रहा है।दैनिक मजदूरी करने वाले श्रमिक कहते हैं कि लॉकडाउन में सभी प्रकार के काम बन्द हैं।रोजगार नहीं मिलने से आर्थिक परेशानी बहुत बढ़ गयी है।दुकानदारों का कर्ज इतना बढ़ गया है कि दुकानदार उधार का राशन देने के आनाकानी करने लगा है।

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