वकीलों की बजट से पहले 10 मांगें राखी


देशभर के वकीलों की सबसे बड़ी नियामक संस्था बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने आम बजट से पहले मोदी सरकार के सामने 10 बड़ी मांगें राखी गई हैं |

यह है मांगें…
1. देशभर के वकीलों और परिजनों के लिए 20 लाख से अधिक तक का इंश्‍योरेंस कवर दिया जाए |
2. मेडिक्‍लेम : देश-विदेश के बेहतर अस्‍पतालों में वकीलों को हर तरह की बीमारी का मुफ्त इलाज कराया जाए | इसके लिए वकीलों को स्‍पेशल कार्ड मुहैया कराया जाए |
3. नए वकीलों को वजीफे के रूप में कम से कम 10 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएं |
4. बुजुर्ग वकीलों के लिए पेंशन और वकीलों के असामयिक निधन पर उनके आश्रितों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाए |
5. देश की सभी बार एसोसिएशन को उचित बिल्डिंग, ठहरने की व्‍यवस्‍था, बैठने की सुविधाएं लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी और इंटरनेट टॉयलेट सहित उपलब्‍ध होनी चाहिए | महिला वकीलों को भी उचित सुविधाएं मुहैया कराई जाएं |
6. संसद द्वारा वकील संरक्षण अधिनियम अधिनियमित किया जाए |
7. सभी वकीलों को ब्‍याज मुक्‍त होम लोन उपलब्‍ध कराया जाए |
8. लीगल सर्विस अथॉरिटी एक्‍ट में संशोधन और उचित बदलाव किए जाएं |
9. वे सभी कानून जो रिटायर जजों और न्‍यायिक अधिकारियों को पीठासीन अधिकारी/अधिकरणों के सदस्‍य, फोरम/अथॉरिटी के कमिशनर नियुक्‍त करने का अधिकार देते हैं, उनमें आवश्‍यकतानुसार संशोधन किया जाए ताकि काबिल भी इन पदों पर नियुक्‍त हो सकें.
10. किसी भी वकील की असामयिक मौत (65 साल से कम) पर उनके परिजनों/आश्रितों को कम से कम 50 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाए.

साथ ही पूरे देश में मौजूद करीब 13 लाख से ज्‍यादा वकीलों के लिए हर वार्षिक बजट में 50 हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा की धनराशि दिए जाने की मांग की है | बीसीआई का कहना है कि मोदी सरकार 31 जनवरी से पहले उनकी सभी मांगों को पूरा करे, वरना देशभर के वकीलों की तरफ से एक बड़ा विरोध-प्रदर्शन होगा |
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा का कहना है कि गुजरात के मुख्‍यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने 1 मार्च 2014 को गांधी नगर में बीसीआई की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में यह ऐलान किया था कि अगर वे प्रधानमंत्री बने तो देशभर के वकीलों के लिए बजटीय प्रावधान करेंगे |
इसके साथ ही बजट से पहले काउंसिल की तरफ से पीएम मोदी से मांग की गई है कि आम बजट 2019-20 में देशभर के वकीलों के लिए अलग से हर साल 50 हजार करोड़ रुपये दिए जाएं. इसके साथ ही सुझाव दिया गया है कि इस राशि को एक सा सदस्‍यीय ट्रस्‍ट/कमेटी के जरिये खर्च किया जाए जिसका नेतृत्‍व एडवोकेट जनरल करें | काउंसिल ने पीएम को लिखे पत्र में उनसे उम्‍मीद जताई है कि वे इन मांगों पर शीघ्र विचार करें ताकि उनकी शिकायतों को हल किया जा सके |

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