वर्षों से जर-जर रक्त अधिकोष का भवन 48 घंटे में हुआ चकाचक

रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई: वर्षों से मूर्छित अवस्था में संचालित हो रहा सदर अस्पताल परिसर में अवस्थित रक्त अधिकोष भवन की जान उस वक़्त लौट गई जब केंद्रीय टीम के दस्तक देने की खबर आई। बतादें के जीर्णशीर्ण अवस्था में वर्षों से संचालित हो रहे ब्लड बैंक के भवन को महज 48 घंटों के अंदर ही चकाचक कर दिया गया। इतना ही नहीं भवन के दायरे को भी बढ़ा कर आधुनिक सुविधाओं से लैस कर दिया गया। साथ ही ब्लड बैंक के नवीनीकरण को ले वर्षों से वीरान पड़ी रेड क्रॉस सोसाइटी के भवन में भी जान आ गई। भवन इस हाल में संचालित हो रही थी कि उक्त भवन में न बैठने का ठिकाना और न ही शौचालय की व्यवस्था थी इतना ही नहीं भवन के अंदर कमरे में किसी प्रकार का चिन्ह भी दर्शाया हुआ नहीं था। जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन केंद्रीय टीम के आगमन के बाद तो फिलहाल सारी व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया गया है। लेकिन अब यह सुविधा लोगों को कितने दिनों तक मिलती है यह देखना दिलचस्प होगा।
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-बढ़ाया गया ब्लड बैंक के भवन का दायरा

महज चार कमरे में संचालित हो रही रक्त अधिकोष भवन का दायरा वीरान पड़ी भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी भवन को मिलाकर बढ़ाया गया। साथ ही टाइल्स, लाइट,कुर्सी, बेड सहित कई मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित कर दिया गया है। रक्त अधिकोष भवन में रजिस्ट्रेशन एंड काउंसलिंग रूम, रिफ्रेशमेंट एंड रिकवरी रूम, डर्टी यूटिलिटी रूम, बीएमडब्ल्यू, स्टोर रूम, ऑस्टेरिलाइजेशन रूम, वेटिंग रूम, मेडिकल एग्जामिनेशन रूम, ब्लड स्टोरेज, ब्लड कलेक्शन रूम, सेरोलॉजी, टीटीआई लैब, रिकॉर्ड एंड कंप्यूटर रूम सहित शौचालय की सुविधा से लैस हो गया है।
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-6 की जगह 3 कर्मी द्वारा संचालित हो रहा ब्लड बैंक

हालांकि ब्लड बैंक का नवीनीकरण के साथ-साथ दायरा तो बढ़ा लेकिन कर्मियों की किल्लत बरकरार है। जहां 6 कर्मी होने चाहिए वहां महज तीन कर्मीयों द्वारा ही रक्त अधिकोष को संचालित किया जा रहा है। ऐसी भी परिस्थिति कई बार उत्पन्न हुई है जब ब्लड लेने वालों को कर्मियों का इंतेज़ार करना पड़ता है। नहीं रहने पर मरीज द्वारा ही फोन कर बुलाना पड़ता है। रक्त अधिकोष के लिए सारी व्यवस्था व आधुनिकरण की गई लेकिन कर्मियों की किल्लत दूर करने के लिए अब तक इसपर चर्चा भी नहीं हुई।
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-ब्लड स्टोर रूम के बगल में बिखरी है गंदगी

रक्त अधिकोष भवन के चारों ओर चकाचक व साफ-सफाई की गई लेकिन ब्लड स्टोर रूम के बगल में मल-मूत्र की गंदगी को साफ करना मुनासिब नहीं समझा गया। जबकि केंद्रीय टीम द्वारा साफ-सफाई को लेकर कर्मियों को सख्त निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद कर्मीयों द्वारा सफाई करवाना मुनासिब नहीं समझा गया। ब्लड स्टोर रूम के बगल में खुलेआम लोग मलमूत्र कर गंदगी फैला रहे हैं जिसका दुष्प्रभाव रक्त अधिकोष पर पड़ सकता है।

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