विधान परिषद में गूंजा राजगीर के लेदुआ पूल_ पंडितपुर पइन का मामला

रिपोर्ट;ब्यूरो राम विलास।
राजगीर;-नगर पंचायत राजगीर के लेदुआ पुल से पंडितपुरलेदुआ पुल से पंडितपुर और रेलवे स्टेशन होते सबलपुर- चकपर  जाने वाली महत्वपूर्ण पइन को जीर्णोद्धार और अतिक्रमण मुक्त कराने की आवाज विधान परिषद में गूंजी।सत्तारूढ़ दल के सचेतक विधान पार्षद रीना यादव द्वारा चार किलोमीटर लंबे इस पइन को अतिक्रमण मुक्त कर जल जीवन हरियाली योजना से जीर्णोद्धार कराने की आवाज विधान परिषद में उठाई गयी।रीना यादव द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा है कि राजगीर के उस महत्वपूर्ण पइन को अतिक्रमण मुक्त कर पहले की तरह उपयोगी बनाया जाएगा।

योजना का सर्वेक्षण लघु सिंचाई प्रमंडल नालंदा के कार्यपालक अभियंता से कराया गया है।सर्वेक्षण के क्रम में पाया गया है कि पइन के दोनों तरफ स्थानीय लोगों द्वारा पक्का मकान बनाकर उसके अधिकांश भाग का अतिक्रमण कर लिया गया है।अतिक्रमण के अलावा वह पइन मिट्टी और गाद से भर गई है।इससे जल प्रवाह नहीं हो पा रहा है।मंत्री ने कहा है कि उस पइन को उपयोगी बनाने के लिए सबसे पहले अतिक्रमण मुक्त करना जरूरी है।

इसके लिए लघु सिंचाई प्रमंडल नालंदा के कार्यपालक अभियंता के पत्रांक 343, दिनांक 18 फरवरी 2021 द्वारा अंचलाधिकारी, राजगीर से अतिक्रमण मुक्त कराने का अनुरोध किया गया है।अतिक्रमण मुक्त होते ही योजना का डीपीआर तैयार कराकर लघु जल संसाधन विभाग द्वारा इस महत्वपूर्ण पइन का जीर्णोद्धार जनहित में कराया जाएगा।

विधान पार्षद रीना यादव ने कहा की राजगीर नगर पंचायत का यह मुख्य पइन है.इससे पहले राजगीर के आसपास के दर्जन से अधिक गांवों के खेतों की सिंचाई होती थी।लेकिन 21 वीं सदी में यह पइन अतिक्रमण का शिकार हो गया है।इस कारण आसपास के गांव का सिंचाई व्यवस्था तो ध्वस्त हो ही गई है।इस पइन का वजूद भी समाप्ति के कगार पर पहुंच गया है।करीब 30 फीट से अधिक चौड़ी यह पइन गाद और गंदगी से भर गयी है।अतिक्रमण का शिकार होने के कारण इस पइन से बरसात के दिन में भी पानी का बहाव लगभग बंद हो गया है।फलस्वरूप जंगलों का पानी इस पइन द्वारा अब गांवों में नहीं जा पा रहा है. इस कारण किसानों के सामने सिंचाई की समस्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है।

उस पइन से किसान खेतों की सिंचाई करते थे. तब खेतों में बम्फर फसल होती थी।उन्होंने कहा कि  टिल्लहापर, नूतन नगर, पंचवटी नगर,  बीआरसी, गांधी आश्रम मध्य विद्यालय, अंबेडकर नगर के पास इस पइन को अतिक्रमण कर इसके वजूद को समाप्त करने की लगातार कोशिश की गयी है।पइन का अतिक्रमण होने  के कारण जल का बहाव अवरुद्ध हो गया है।फलस्वरूप वर्षा ऋतु में राजगीर के कुछ मोहल्लों में पानी घुस जाता है।हल्की वर्षा होने पर भी बाढ़ जैसी समस्या उत्पन्न हो जाती है।

उन्होंने कहा है कि इस पइन के अतिक्रमण मुक्त और जीर्णोद्धार होने से दर्जन भर गाँवों के किसान तो लाभान्वित होंगे ही शहर के नालों का पानी गिराने की समस्या का भी हल निकल सकता है।इस पइन की उड़ाही और वर्षा जल का बहाव होने से भूगर्भीय जल के रिचार्ज होने की संभावनाएं बढ जायेगी।

— इस पइनों से इन गांवों की होती थी सिंचाई

वर्षा के दिनों में पहले राजगीर के जंगल का पानी सरस्वती नदी, वैतरणी नदी होते हुए इस पइन से प्रखंड के तीन पंचायत नाहुब, नईपोखर और घोसतामा पंचायत के कई गांवों पंडितपुर, हसनपुर, नाहुब, नोनही, सीमा, झालर, नईपोखर, दरियापुर, सबलपुर, चकपर, गंजपर आदि गांव जाता था।इसके अलावा गर्म जल कुंडों से निकले फालतू पानी भी इस पइन से गाँव तक पानी पहुंचता था जिससे किसान खेतों की सिंचाई करते है थे।

—- अधिकारी बोले

मृत्युंजय कुमार, सीओ, राजगीर ने बताया की लेदुआ पुल से पंडितपुर जाने वाली मुख्य पइन की नापी कराई जा रही है. नापी बाद ही अतिक्रमणकारियों की पहचान हो सकेगी. एक अमीन दो प्रखंड के चार्ज में हैं इसलिए नापी में विलंब हो रहा है. नापी पूरा होने के बाद अमीन के रिपोर्ट बाद अतिक्रमणकारियों की पहचान हो सकेगी. उसके बाद नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जायेगी.

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