शहादत दिवस पर याद किये गये बापू, उनके विचारों व सिद्धान्तो को जानने और समझने की जरूरत: धीरेन्द्र

रमेश शंकर की रिपोर्ट
समस्तीपुर/पूसारोड: जिले के पूसारोड में गाँधी व्यक्ति का नाम नहीं एक सिद्धान्त है, एक विचार है। जो न सिर्फ आजादी के लिए पूरे देश में प्रेरणा पुंज बना बल्कि आजादी के बाद भारत को आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का मार्ग प्रशस्त कर गया। उक्त बातें समस्तीपुर खादी ग्रामोद्योग के मंत्री धीरेन्द्र कार्यी ने अपने संबोधन में कही। वह राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 71वीं पुण्य तिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजली सभा में अपने विचार व्यक्त किया था। उन्होंने कहा कि गाँधी की जब हत्या हुई तब वे राष्टीय स्तर पर बापू कहे जाते थे। आज विश्व स्तर पर बापू कहे जाते हैं। गाँधी के शरीर की हत्या हुई थी, विचारों के रूप वे आज भी हमारे बीच हैं। आज गाँधी के विचारों व सिद्धान्तो को जानने, समझने और अनुसरण करने की जरूरत है। बताते चलें कि कस्तूरबा गाँधी राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट के सभागार में बापू के शहादत दिवस पर एक श्रद्धांजली सभा का आयोजन किया गया। श्री कार्यी की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा का संचालन सुविख्यात गायक गीतकार नंदकिशोर शर्मा ने किया। परंपरा के अनुसार दीप प्रज्जवलन तथा बा व बापू के तैल चित्र पर पुष्पांजली अर्पित कर अतिथियों व श्रद्धालुओं ने उन्हें नमन किया। तबलाचार्य रामचन्द्र ठाकुर की तबला संगति में नव प्रतिभा बाल कलाकार अनुष्का के गाये राम धुन के साथ सभा की शुरुआत हुई। इस अवसर पर सर्वप्रथम ट्रस्ट की प्रांन्तीय प्रतिनिधि चन्द्रमा बहन ने आगत अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया। इस दौरान पं0 उमेश चन्द्र झा, प्रवीण कुमार झा, अमृता कुमारी आदि ने भी अपनी प्रस्तुति दी। मौके पर स्वयंसेवी सर्वाेदय कार्यकर्ता रामाकान्त राय, विनय कुमार मिश्र, कृष्ण कुमार, नवल किशोर राय, गुंजेश कुमार, पुनिता बहन, प्रेमा बहन, रंजन कुमार, पंकज कुमार एवं दोनो विद्यालयों की छात्रायें व शिक्षक सहित कई लोग मौजूद थे।

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