शार्ट सर्किट से गोदाम में लगी आग 30 लाख से अधिक की संपत्ति हुई खाक

रिपोर्ट :व्यूरो राम विलास नालंदा बिहार।
नालंदा;-श्रृंगार, खिलौना और मनिहारी के थोक विक्रेता के गोदाम में भीषण आग लगी. देखते-देखते आग गोदाम और दुकान में रखें सामानों को लील लिया। गोदाम में रखे खिलौना, श्रृंगार, बौद्ध, जैन और सनातन देवी देवताओं की कांच और लकड़ी की मूर्ति, चूड़ी, बाला, शंखा, शीतल पेय, पानी भरा बोतल, माला, मूर्ति, रुद्राक्ष, सिंदूर, बद्दी, पंखा, फ्रीज, रैक सहित अन्य सभी सामान जलकर खाक हो गई है।इस अग्निकांड में 30 लाख से अधिक संपत्ति के नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

यह घटना मंगलवार की सुबह राजगीर सूरजकुंड क्षेत्र के समीप राजगीर लॉजिंग हाउस कमिटी मार्केट में हुई है।इस अग्निकांड में हीरालाल किराना स्टोर, अंगद गोस्वामी और शिवशंकर साव के गोदाम में रखे सभी सामान जलकर राख हो गया है।इन थोक विक्रेताओं के लिए मंगलवार अमंगल हो गया. दशकों की मेहनत की जमा पुंजी जल गयी व्यवसाई हीरालाल के अनुसार मंगलवार की सुबह करीब पांच बजे शार्ट सर्किट से उनके दुकान में आग लगी. आग की लपटे इतनी तेज थी कि देखते देखते वह गोदाम को भी अपने आगोश में लपेट लिया।

इस घटना के बाद सूर्यकुंड क्षेत्र और राजगीर लॉजिंग हाउस कमेटी के मार्केट में अफरा तफरी मच गई।देखते- देखते आग बेकाबू हो गया. गोदाम में रखे सभी सामान जलकर खाक हो गया।अग्निकांड से बगल का गोदाम और दुकान भी प्रभावित हुआ।लाखों की संपत्ति जल कर राख हो गई।पीड़ित दुकानदारों के अनुसार आग इतनी भयानक थी कि आधा घंटा में गोदाम के सभी सामान जलकर मलवे में तब्दील हो गया।गोदाम के समीप का पेड़ भी इस अग्निकांड में झुलस गया।

अग्नि कांड की खबर पाकर आसपास के दुकानदार बाल्टी, तसला एवं अन्य बर्तनों में पानी लेकर दौड़े और आग बुझाने में लग गए।काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।दुकानदारों के अनुसार आग लगने के करीब एक घंटे बाद दमकल घटनास्थल पर पहुंचा. तबतक आसपास के दुकानदार मिलकर आग पर काबू पा लिया था।व्यवसाई हीरालाल बताते हैं कि उनके गोदाम और दुकान में आग लगने से 20 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है।उनका इंश्योरेंस भी फेल है।

वे छह भाई हैं उनके अलावा पन्नालाल, जवाहरलाल, मोतीलाल, बाल्मीकि कुमार और सोहन कुमार सभी भाई मिलकर रोजगार करते हैं।पीड़ित व्यवसायी हीरालाल, पन्नालाल और जवाहरलाल के अनुसार उनकी दशकों की गाढी कमाई जल गयी।कोरोना के कारण आठ-दस महीने से रोजी रोजगार चौपट है।यह अग्निकांड उनके लिए धड़धड़ी के बज्जड़ समान है।उन्होंने बताया कि एक लाख 65 हजार का सिंदूर, 2 लाख 60 हजार का खिलौना, एक लाख 80 हजार की चूड़ी, 80 हजार से अधिक का बाला, करीब एक लाख का शंखा चूड़ी, कांच की चूड़ी, एक दर्जन रैक, फ्रिज, 40 कैरेट शीतल पेय, 35 कैरेट पानी एवं अन्य सामान जलकर राख हो गया है।

इस अग्निकांड में अंगद गोस्वामी का गोदाम भी प्रभावित हुआ है।10 लाख से अधिक की संपत्ति के जलने का अनुमान लगाया जा रहा है।अंगद गोस्वामी के पुत्र गौतम गोस्वामी इस अग्निकांड से बहुत आहत हैं।वे कहते हैं कि वैश्विक महामारी कोरोना ने रोजी रोजगार को पहले ही बर्बाद कर रखा था।ऊपर से अग्निकांड की इस घटना ने उनका और उनके परिवार का भविष्य अंधकारमय कर दिया है।दशकों की कमाई पूंजी जलकर भस्म हो गई है।व्यवसाय नहीं चलने के कारण वह पहले से ही कर्ज में डूबे थे।अब और डूब जाएंगे. इंद्रजीत कुमार बताते हैं कि थाना में दमकल होता तो इतना नुकसान नहीं होता।दमकल गाड़ी राजगीर से पांच किलोमीटर दूर नीमा गांव से आई. तबतक गोदाम में रखे सभी समान जलकर राख हो गए।

अग्निकांड की सूचना पाकर राजगीर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया।नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी शशि भूषण प्रसाद, नगर प्रबंधक राजमणि प्रसाद गुप्त, वार्ड पार्षद एवं जदयू प्रखंड अध्यक्ष मीरा कुमारी एवं अन्य ने घटनास्थल का जायजा लिया।

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