शुंगकालीन पुष्करणी तालाब उड़ाही में गड़बड़ी; सी एम से जाँच की मांग

फोटो – नापी करते अधिकारी।

रिपोर्ट;ब्यूरो राम विलास,नालंदा।
राजगीर;-चंडी मौ के शुंगकालीन पुष्करणी तालाब की उड़ाही एवं जीर्णोद्धार का एक तरफ नापी करायी जा रही है, तो दूसरी तरफ राजकुमार सिंह स्मृति न्यास द्वारा योजना के क्रियान्वयन में हुई गड़बड़ी एवं अनियमितता की जांच की मांग सीएम को पत्र लिखकर किया गया है।न्यास अध्यक्ष नीरज कुमार ने सीएम को संबोधित पत्र में कहा है कि शुंगकालीन पुष्करणी तालाब की उड़ाही एवं जीर्णोंद्धार 2020 में जल जीवन हरियाली योजना से की गयी थी।योजना के क्रियान्वयन में संवेदक और विभागीय अधिकारियों द्वारा बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गयी थी।

उसकी लिखित शिकायत सीएम और विभागीय अधिकारियों से की गयी थी।ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत बाद भी तालाब का सही ढ़ंग से उड़ाही नहीं किया गया है।आरोप है कि सात फीट की जगह केवल दो से पांच फीट ही मिट्टी काटी गई है।डीएम के निर्देश पर राजगीर के अपर अनुमंडल पदाधिकारी अमित अनुराग द्वारा ग्रामीणों की मौजूदगी में की गई थी।नीरज ने कहा है कि गुरुवार को अचानक लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा तालाब की नापी की जाने लगी।

उन्होंने कहा है कि एक साल बाद वह भी 15 जून के बाद नापी कराना अपने आप भ्रष्टाचार का खुलासा कर रहा है।उन्होंने प्राक्कलन अनुसार तालाब की उड़ाही कराने और ठीकेदार एवं संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

सहायक अभियंता,लघु सिंचाई विभाग अशोक कुमार ने बताया की ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए चार सदस्य टीम चंडी मौ पहुंची।अधीक्षण अभियंता की देखरेख में ठेकेदार द्वारा कराए गए कार्यों की जांच एवं पुष्कर्णी तालाब की उड़ाही की गहराई की नाप की गई है।

 

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