शैशव काल में ही सीवरेज ट्रीटमेंट सिस्टम वेंटीलेटर पर

रिपोर्ट;ब्यूरो राम विलास,नालंदा।
नालंदा;-अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र राजगीर में करोड़ों की लागत से बना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट शैशव काल से ही दिव्यांग और नकारा साबित होने लगा है।यहां का सिवरेज ट्रीटमेंट सिस्टम वेंटीलेटर पर है।अत्याधुनिक प्लांट निर्माण होने के बाद भी राजगीर वासियों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह ड्रीम प्रोजेक्टों में से एक है।इसके निर्माण के लिए उन्होंने राजगीर के रत्नागिरी की चोटी पर कैबिनेट की बैठक बुलाई थी।उसी बैठक में राजगीर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की मुहर लगी थी।

यह सीवरेज प्लांट पैदाइशी वेंटीलेटर पर है।यही कारण है कि प्लांट निर्माण कार्य पूरा होने के पांच साल बाद भी नगर पंचायत के घर-घर में सीवरेज कनेक्शन नहीं किया जा सका है।आधे अधूरे कनेक्शन के बाद भी गली – मोहल्लों में जहां-तहां सीवरेज ओवरफ्लो हो रहा है. पूर्वी भारत जैन धर्मशाला जाने वाली सड़क हो या बड़ी मिल्की , गांधी आश्रम के अलावे अनेकों जगहों पर दिन – रात सीवरेज के मलजल खुलेआम सड़कों पर बहता रहता है।

राजगीर होटल के पास मुख्य सड़क पर वर्षों से सिवरेज का मलजल बह रहा है, जिसे देखने सुनने वाला भी कोई नहीं है।यह वार्ड बीआईपी वार्ड में शुमार है। इस वार्ड में नगर पंचायत के उप मुख्य पार्षद का गृहवास है।इस वार्ड में पूर्व मंत्री एवं नालंदा विधायक श्रवण कुमार का मकान है।इसके अलावा पूर्वी भारत जैन धर्मशाला और होटल राजगीर भी इसी वार्ड में है।आए दिन अलग-अलग वार्डो में कहीं न कहीं सीवरेज लीकेज हो रहा है। इससे शहर की हालत नारकीय बनती जा रही है।पहले की तरह सीवरेज का मलजल खुली नालियों में बहाये जा रहे हैं।इससे दुर्गंध युक्त गंदगी तो फैल ही रही है तरह-तरह की बीमारियों की आशंका भी बढ़ने लगी है।

सीवरेज ओवरफ्लो होने के कारण अक्सर गली मोहल्लों में विवाद भी शुरू हो गया है।यदि यही हालत रहा तो आने वाला समय में झगड़ा झमेला बढ़ सकता है। इससे इनकार नहीं की जा सकती है।जानकार बताते हैं कि राजगीर की मुख्य सड़कों पर पहले केवल दिन में झाड़ू लगा कर सफाई की जाती थी।इधर सफाई व्यवस्था में परिवर्तन कर दिन के अलावे रात में भी सफाई का कार्य कराया जा रहा है।इससे स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जगी थी।शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है।सीवरेज सिस्टम वेंटीलेटर पर होने के बावजूद इस ओर शासन -प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है।पदाधिकारियों की अनदेखी से स्वच्छता रैंकिंग बुरी तरह प्रभावित होने का आकलन किया जा रहा है।

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