संसाधनों की कमी से परेशान हैं अन्नदाता

रिपोर्ट;ब्यूरो रामविलास ,नालंदा,बिहार।
नालंदा;-विश्व खाद्यान्न दिवस पर अन्नदाता पंचायत का आयोजन नालंदा गेस्ट हाउस में शुक्रवार को किया गया। पंचायत में किसानों के अधिकार, उनकी समस्याओं और निदान को लेकर मंथन किया गया। पंचायत की अध्यक्षता प्रगतिशील किसान मुरारी कुमार सिंह ने की। 29 अक्टूबर को चंडीमौ में अन्नदाता महापंचायत आयोजित करने का निर्णय लिया गया। पंचायत में अन्न बैंक की स्थापना को लेकर भी चर्चा की गयी। 14 अप्रैल को चंडीमौ में अन्न बैंक शुरू करने की घोषणा की गयी।

अन्नदाता महापंचायत की तैयारी को लेकर रणनीतियां बनायी गयी। जत्था बनाकर प्रचार प्रसार करने का निर्णय लिया गया। राजकुमार सिंह स्मृति न्याय के अध्यक्ष नीरज कुमार ने कहा कि नालंदा के किसान समस्याओं के आकंठ में डूबे हैं। उनकी समस्याओं के निदान के लिए सिंचाई, खाद, बीज, लेवर और बाजार की सुविधा उपलब्ध कराने पर उन्होंने जोर दिया।

किसानों को परंपरागत खेती के अलावे नगदी और औषधीय पौधों की खेती करने की जरूरत है। सिलाव प्रखण्ड की जमीन कला धान, काला गेहूँ के अलावे सेव की खेती के लिए उपयुक्त है। डॉ श्रीकांत सिंह ने किसानों के स्वाभिमान जगाने और आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देते हुए कहा कि बिहार लेवर सप्लायर स्टेट बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की बड़ी समस्याओं में लेवर की समस्या भी एक है। जमाखोरी और कालाबाजारी को भी उन्होंने किसान विरोधी बताया।

किसान संजीव कुमार सिंह ने कहा कि फैक्स के माध्यम से किसानों को फसल अनुसार खाद उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। किसानों के उत्पाद धान, गेहूँ खरीदने के बाद ही फैक्स अध्यक्ष सुनिश्चित करें तो किसानों को उचित कीमत मिल सकता है। डोमनारायण सिंह ने कहा कि किसान हीनता से ग्रसित है। केवल सरकार के भरोसे रहने की जरूरत नहीं है। अपने स्तर से भी समस्याओं के निदान के लिए किसानों को आगे आने की जरूरत है।

नरेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा कि शासन- प्रशासन द्वारा किसानों की उपेक्षा की जा रही है। बिचौलिया उनकी हकमारी कर रहा है। इन्हीं कारणों से महात्वाकांक्षी योजनाओं के लाभ से किसान अक्सर बंचित रह जाते हैं। इस अवसर पर परीक्षित नारायण सुरेश, राम नरेश सिंह, मुरारी कुमार सिंह, भोपी सिंह, लाल सिंह, राकेश सिंह, संतोष कुमार, रुपेश कुमार, राजा रंजन, अरुण कुमार एवं अन्य ने विचार व्यक्त किया।

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