सड़क किनारे नहीं बना नाला मजबूरी में घरों का पानी बहता है सड़क पर

फोटो – बिना नाले की सड़क।

रिपोर्ट;राम विलास,नालंदा।
राजगीर;-नगर पंचायत राजगीर को नगर परिषद का दर्जा मिल गया है।इसके साथ ही इसकी पहचान और प्रतिष्ठा दोनों बढ़ गई है।बावजूद यह पर्यटक शहर समस्याओं के आकंठ में डूबते जा रहा है।विभिन्न वार्डों और मोहल्लों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में नगर परिषद हाफ रहा है।सभी वार्डों की सड़कों और गलियों के किनारे नाला – नाली निर्माण में यह शहर काफी पीछे है।वार्ड 19 में सार्वजनिक शौचालय और डीलक्स शौचालय का भरमार है, लेकिन अन्य वार्डों में सार्वजनिक शौचालय देखने तक के लिए नहीं बनाया गया है।.

एनटीपीसी द्वारा बनाया गया शौचालय निर्माण के चार साल बाद भी नागरिकों के लिए नहीं खोला जा सका है।शहर के मुख्य सड़कों को छोड़ वार्डों और मोहल्लों के अंदर की सड़कों व गलियों का हाल खास्ता है।उसकी हालत जीर्ण शीर्ण है. नगर के वार्डों और मुहल्लों की अधिकांश सड़कें और गलियां बिना नाला – नाली के हैं. नौलखा मंदिर रोड हो या पूर्वी भारत धर्मशाला रोड, बंगाली पाड़ा हो या उपाध्याय टोला कहीं अबतक नाला का निर्माण नहीं कराया गया है। परिषद के अधिकारी द्वारा इसमें रुचि नहीं ली जा रही है।इससे नागरिकों को परेशानी हो रही है।सड़क किनारे नाला – नाली नहीं रहने के कारण घरों का पानी सड़क पर ही वहाया जा रहा है।घरों के पानी सड़कों पर गिरने से सड़कें असमय खराब हो रही है।

— श्वेतांबर धर्मशाला के सहायक प्रबंधक ज्ञानेंद्र पांडेय और खजांची संजीव कुमार जैन बताते हैं कि नौलखा मंदिर रोड शहर के मुख्य और व्यस्त सड़कों में एक है।आजादी के बाद से अबतक इस सड़क के किनारे नाला-नाली का निर्माण नहीं कराया जा सका है।देश – विदेश के तीर्थयात्री और सैलानी बडी़ संख्या में नौलाख मंदिर दर्शन पूजन के लिए आते हैं।नाली नहीं रहने के कारण सड़क पर पानी वहने से सैलानी बढ़िया संदेश लेकर नहीं लौटते हैं।

यही हाल पूर्वी भारत धर्मशाला रोड की है।यह सड़क सड़क कहलाने लायक नहीं है।अन्य सड़कों की तरह इस सड़क किनारे भी नाला – नाली नहीं है. बार – बार ध्यान आकृष्ट कराने के बाद भी न तो सड़क की जीर्णोद्धार कराया जा रहा है और न ही सड़क किनारे नाला निर्माण कराया जा रहा है।आनंदमयी आश्रम रोड़ में भी आजादी बाद से अबतक सड़क किनारे नाला का निर्माण नहीं कराया जा सका है।

–डॉ प्रकाश कुमार सिन्हा बताते हैं कि कालीबाड़ी और अशोकनगर मोहल्ले में बड़ी आबादी रहती है।इस मोहल्ले में सरकारी जमीन भी काफी है।बावजूद एक गार्डन तक नहीं है।मुख्य सड़क किनारे अबतक नाले नहीं बने हैं।

— गुलजारबाग मोहल्ला के डा उमेश प्रसाद बताते हैं कि राजगीर के गिरियक रोड चौराहा से ब्लॉक जाने वाली मुख्य सड़क के पूर्वी भाग में नाला निर्माण का टेंडर हुआ है।छह महीने बीत गए हैं लेकिन अबतक नाला निर्माण कार्य आरंभ नहीं कराया गया है।नाला नहीं रहने के कारण सड़क किनारे के घरों का पानी सड़क पर गिराया जा रहा है।यही हाल धर्मशाला रोड से बड़ी मिल्की जाने वाली सड़क की है।

उप प्रमुख सुधीर कुमार पटेल ने कहा कि नगर परिषद के किसी भी वार्ड में एक भी सरकारी गार्डन नहीं बनाया गया है।शहर में गाड़े गए जीपीटी चापाकल का हालत बहुत खराब है।कई हैंडपंप रहस्यमय ढंग से गायब हैं, तो कहीं के हेड गायब कर उसमें मवेशी बांधे जा रहे हैं।उन्होंने सभी हैंडपंप का सर्वेक्षण कर पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, राजगीर शशिभूषण प्रसाद,का कहना है की शहरी क्षेत्र में सड़क साथ नाला निर्माण का प्रावधान है।कोई भी सड़क बिना नाला का नहीं बनाना है।पहले बनी सड़कों के किनारे नाले किस परिस्थिति में नहीं बनाए गए हैं।इसकी पड़ताल की जाएगी. शहर में जो भी सड़क हैं सभी के किनारे नाला बनाने का प्रयास भूमि की उपलब्धता के आधार पर किया जाएगा।

 

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