सदर अस्पताल में होगा एड्स का इलाज,अब भागलपुर का नहीं लगाना होगा दौड़

रिपोर्ट, मो. अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:- एचआईवी पॉजिटिव यानि एड्स के मरीजों के लिए एक खुशी की खबर है। अब उन मरीजों को इलाज के लिए भागलपुर की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। उनका इलाज अब सदर में जल्द ही शुरू होगा। इसके लिए सदर अस्पताल में एआरटी केंद्र खुलने वाला है। जिसका उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक दिसंबर को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा किया जाएगा। इसकी तैयारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा जोरशोर से की जा रही है।

सिविल सर्जन डॉ. विजयेंद्र सत्यार्थी ने बताया कि इसे लेकर विभाग के द्वारा जानकारी दिया गया है। वर्तमान में पीड़ित मरीज को भागलपुर इलाज के लिए भेजा जा रहा है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय आगामी एक दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नालंदा, पूर्णिया, सिवान, सुपौल, कैमूर, मुंगेर जिला सहित सदर अस्पताल सहित स्थित उक्त केंद्र का उद्घाटन करेंगे।

इसे लेकर तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया विभाग के द्वारा एक चिकित्सक, काउंसलर, एएनएम एवं टेक्नीशियन भी भेजा गया है। एड्स पीड़ित मरीज के इलाज को लेकर लोग अब भागलपुर, पटना या दूसरे अन्य जगह नहीं जाएंगे। सदर अस्पताल में ही उन सभी का इलाज होगा। जिला एड्स पर्यवेक्षक अखौरी ममित कुमार ने बताया कि इस दौरान सुबह में एक जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जाएगा।

कोविड-19 निर्देश के तहत किए जाने वाले कार्यक्रम को लेकर सभी आवश्यक तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सरकार स्वास्थ्यवर्धक आहार को लेकर पीड़ित मरीज को 15 सौ रुपये की मदद भी कर रही है। बता दें कि परिवारिक भरण- पोषण को लेकर लोग परदेश कमाने जाते हैं लेकिन वापस में वे असुरक्षित यौन संबंध बनाकर एड्स जैसी गंभीर बीमारी की सौगात लाते हैं। इससे बीमारी उनके परिवार में फैलता है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिला को होती है। जब उसके पेट में पल रहा बच्चे को भी इससे संक्रमित होने की आशंका बना रहता है।

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