सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण लॉलीपॉप, सरकार प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण करे लागू: उपेंद्र कुशवाहा

अमानुल हक की रिपोर्ट
बेतिया: सरकारी क्षेत्र में नौकरी नहीं है। ऐसे में सवर्णों को दिया गया 10 फीसदी आरक्षण लॉलीपॉप है। सरकार प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण लागू करे। उसमें भी आबादी के हिसाब से आरक्षण मिलना चाहिए। तभी देश का विकास होगा और आरक्षण की समस्या समाप्त होगी। ये बातें पूर्व केंद्रीय मंत्री सह रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने महाराजा पुस्तकालय में आयोजित मिलन समारोह में कहीं। उन्होंने कहा कि देश में पिछड़ों की आबादी 60 फीसदी है। सरकार ने आरक्षण दिया मात्र 27 फीसदी, तब कहा गया कि 50 फीसदी से अधिक आरक्षण नहीं हो सकता। अब तो यह आंकड़ा भी पार कर गया है।

इसलिए पिछड़ों को 60 फीसदी आरक्षण देना चाहिए। मंच से ही उन्होंने नारा दिया ‘रोलोसपा ने बाधी गांठ, पिछड़ा पावे सौ में साठ’। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनता के सवालों पर नीतीश सरकार लाठी देती है। उन्होंने स्कूलों में शिक्षा के गिरते स्तर को लेकर सवाल उठाया, तो जान से मारने की साजिर रची गई। वो तो कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया, वर्ना वे आज बोल नहीं रहे होते। एक कही काम के एक शिक्षक को 12 तो दूसरे को 42 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। पहले अधिकारी स्कूल में जाते थे तो शिक्षा का स्तर देखते थे, अब खिचड़ी का देखते हैं। शिक्षकों को नीतीश की सरकार ने रसोइया व ठेकेदार बना दिया है। महागठबंधन की सरकार बनने पर शिक्षा के लिए नीति लाई जाएगी।

Comments are closed.