सात निश्चय योजना जैसी मूलभूत सुविधाओं से नगरवासी अबतक बंचित

फोटो – बिना हेड का जीपीटी हैंडपंप

रिपोर्ट;ब्यूरो राम विलास,नालंदा।
राजगीर;-नगर पंचायत राजगीर के नागरिक मूलभूत सुविधाओं से अब भी वंचित हैं।यहां रेगुलर वाटर सप्लाई नहीं होती है, जिसके कारण नगरवासी पीने के पानी के लिए पानी पानी हो रहे हैं।प्रखण्ड उप प्रमुख सुधीर कुमार पटेल, वरीय वार्ड पार्षद डॉक्टर अनिल कुमार, श्रवण कुमार और सुबेन्द्र राजवंशी एवं अन्य ने बताया कि राजगीर में बुद्धिस्ट सर्किट योजना से हर मोहल्ले और गली में जलापूर्ति की व्यवस्था दशकों पहले की गई है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय के तहत हर घर नल जल आपूर्ति का पार्ट वन समाप्त हो गया है।बावजूद राजगीर में इस योजना का क्रियान्वयन 25 फ़ीसदी से अधिक नहीं हो सकी है।

फल स्वरुप राजगीर के लोग हर घर नल जल योजना से अब भी मरहूम हैं।वार्ड पार्षदों ने हर घर नल जल योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही और अनियमितता की जांच पर जोर दिया है।उन्होंने कहा कि इसी तरह नगर में करोड़ों की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और ड्रेनेज का निर्माण कराया गया है। लेकिन उसका भी अपेक्षित लाभ नगर वासियों को नहीं मिल रहा है।सभी घरों में अब तक सीवरेज कनेक्शन नहीं हो सका है।बावजूद यत्र तत्र सीवरेज नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं।सीवरेज के गंदे पानी सड़कों पर वह रहे हैं।वार्ड पार्षदों ने आगे कहा कि नगर पंचायत में कई पारंपरिक जल स्रोत हैं, जैसे पइन, तख्ता, सरकारी गढ्ढे, आहर आदि। ये सार्वजनिक स्थल सरकारी उपेक्षा के कारण अतिक्रमण के शिकार हो रहे हैं।

वैसे जलस्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कर जीर्णोद्धार की मांग की गयी है।वार्ड पार्षदों ने कहा कि पेयजल सिस्टम को आसान बनाने के लिए नगर में बड़े पैमाने पर जीपीटी चापाकल गाड़ी गए थे।लेकिन विभागीय उपेक्षा के कारण सभी चापाकल बेकार बड़े हैं।वे सभी के सभी शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है।कई जीपीटी हैंडपंप वजूद में नहीं हैं, तो कहीं के हेड गायब हैं।इन वार्ड पार्षदों ने टीम बनाकर नगर पंचायत में गाड़े गए सभी जीपीटी हैंडपंप का भौतिक सत्यापन करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

पार्षदों ने कहा कि नगर की मुख्य सड़कें तो चकाचक हैं, लेकिन नगर के आंतरिक सड़कें बदहाल हैं।सभी मोहल्ले की गलियों की सड़कें जर्जर हैं।सभी सड़कें जीर्णोद्धार की बाट जोह रही है।वार्ड पार्षदों ने कहा कि राजगीर का विकास दिन दूनी रात चौगुनी कहावत जैसी हो रही है।बावजूद स्थानीय अधिकारियों की उपेक्षा और कर्तव्य हीनता के कारण समस्याएं घटने की बजाए बढ़ती जा रही है।डॉ अनिल कुमार ने बिना अनुमति के नगर की सड़कों को जहां तहां काटने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Comments are closed.