सामान्य प्रशासन विभाग ने नियोजित संविदा कर्मियों के भ्रम को किया दूर

 


रिपोर्ट;ब्यूरो राम नरेश ठाकुर। [ बिहार ]
पटना;- संविदा नियोजित कर्मियों द्वारा बिभिन्न प्रकार के अटकलों पर विराम लगते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार के ताजा निर्णय से संविदा नियोजित कर्मियों को पूर्व से मिल रही किसी सुविधा में कोई कटौती नहीं की गई है बल्कि पूर्व से संविदा पर नियोजित कर्मियों के साथ-साथ भविष्य में नियोजित होने वाली ऐसे कर्मियों को भी कई अतिरिक्त और बेहतर सुविधाएं सरकार के इस निर्णय के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है।प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक 1003 दिनांक 22.01.2021 द्वारा बिहार सरकार के अधीन विभिन्न विभागों में भविष्य में नियोजित किये जाने वाले कर्मियों के संदर्भ में राज्य सरकार का निर्णय संसूचित किया गया है।

इस संदर्भ में विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबर तथ्यपरक नहीं होने के कारण भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस संदर्भ में सही तथ्यों को स्पष्ट किया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार के अधीन संविदा नियोजन के प्रावधान पूर्व में कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के संकल्प ज्ञापांक 2401 दिनांक 18.07.2007 द्वारा संसूचित था।उक्त संकल्प में मात्र एक वर्ष के लिए संविदा नियोजित का प्रावधान था। नियोजित कर्मियों के लिए सेवानिवृत्ति की तिथि अथवा नियमित नियुक्ति होने तक संविदा नियोजन, विभिन्न प्रकार के अवकाश, प्रत्येक वर्ष मानदेय का पुनरीक्षण, अनुग्रह अनुदान, सेवा अभिलेख का संधारण, यात्रा व्यय, अपील का प्रावधान, कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, कार्य का वार्षिक मूल्यांकन एवं नियमित नियुक्ति में अधिमानता आदि की सुविधाएं उपलब्ध नहीं थी।

अशोक कुमार चौधरी( सेवानिवृत्त भा0प्र0से0) की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति की अनुशंसा के आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक 12534 दिनांक 17.09.2018 द्वारा राज्य में पूर्व से संविदा नियोजित कर्मियों के संविदा नियोजन अवधि को पद पर नियमित नियुक्ति नहीं होने की स्थिति में उनकी सामान्य सेवानिवृत्ति तक संविदा नियोजन बरकरार रखने के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के अवकाश, प्रत्येक वर्ष मानदेय का पुनरीक्षण, अनुग्रह अनुदान, सेवा अभिलेख का संधारण, यात्रा व्यय, अपील का प्रावधान, कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, कार्य का वार्षिक मूल्यांकन एवं नियमित नियुक्ति में अधिमानता आदि की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

भविष्य में संविदा नियोजित किये जाने वाले कर्मियों को भी उच्चस्तरीय समिति की अनुशंसाओं का लाभ मिले, इसके लिए संकल्प ज्ञापांक 2401 दिनांक 18.07.2007 को संशोधित करते हुए राज्य सरकार द्वारा संकल्प ज्ञापांक 1003 दिनांक 22.01.2021 के माध्यम से उनके लिए भी उक्त वर्णित सभी सुविधाओं यथा सेवानिवृत्ति की तिथि अथवा नियमित नियुक्ति होने तक संविदा नियोजन बनाये रखने के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के अवकाश, प्रत्येक वर्ष मानदेय का पुनरीक्षण, अनुग्रह अनुदान, सेवा अभिलेख का संधारण, यात्रा व्यय, अपील का प्रावधान, कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, कार्य का वार्षिक मूल्यांकन एवं सभी विभागों में नियमित नियुक्ति में अधिमानता आदि की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय संसूचित किया गया है।

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