सीएम के फरमान के विरुद्ध रसोइया संघ ने निकाला विरोध मार्च

अंजुम आलम की रिपोर्ट
जमुई: गुरुवार को रसोइया संघ द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला गया। विरोध मार्च शहर स्थित स्टेडियम के मैदान से शुरू किया गया और अम्बेदकर चौक पर पहुंच कर एमडीएम निदेशक पटना द्वारा रसोइया को निकालने वाली चिट्ठी को जलाते हुए जिला शिक्षा कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन में तब्दील हो गई। विरोध मार्च का नेतृत्व एक्टू जिला संयोजक वासुदेव राय ने की। धरना प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री बिहार सरकार पटना के नाम चिट्ठी वापस लेने की मांग पत्र प्रतिनिधि मंडल द्वारा कार्यक्रम पदाधिकारी मध्यान भोजन योजना जमुई को सौंपा गया। मौके पर जिला संयोजक वासुदेव राय ने कहा कि सरकार तुगलकी फरमान जारी कर रसोइया को डराना चाह रही है। सरकार धोखेबाजी और जुमलेबाजी पर उतर गई है। सरकार को इसका खामियाजा बहुत जल्द भुगतना पड़ेगा। मालूम हो कि 07 जनवरी से अपने 14 सूत्री मांगों को लेकर रसोइया संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। जिसकी मांगों को ठुकराते हुए 29 जनवरी को सरकार ने चिट्ठी जारी करते हुए सभी रसोइया को निकालने की बात कही गयी थी। रसोइया संघ के 14 सूत्री मांगों में सभी रसोईयों का मानदेय 1,250 रुपया से बढ़ाकर 1,850 रुपया किया जाए, साथ ही सभी रसोईयों को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। आदि मांग शामिल हैं। एक्टू संयोजक वासुदेव राय ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को 1 फरवरी तक नहीं मानती है तो, अगले 4 फरवरी को पूरे राज्य में चक्का जाम के साथ रेल परिचालन भी ठप रहेगा।

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