सीमेंट व्यवसाई को रंगदारी के लिए फोन पर धमकी, तीन कुख्यात हथियार समेत गिरफ्तार

अमानुल हक की रिपोर्ट
बेतिया/मझौलिया: सीमेंट व्यवसाई रविंद्र कुशवाहा के मोबाइल फोन पर 15 मार्च एवं 21 मार्च को दी गई धमकी के आलोक में मझौलिया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना से तीन खूंखार अपराधियों को एक पिस्टल और एक जिंदा कारतूस समेत चार सेल फोन मोबाइल के साथ दबोच लिया। इस संदर्भ में थाना अध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता ने बताया कि रविंद्र कुशवाहा के मोबाइल पर 15 मार्च एवं 21 मार्च को धमकी भरा फोन आया था जिसमें 20 लाख की रंगदारी की मांग की गई थी मांग पूरी नहीं होने पर सगे दोनों भाइयों को को जान से मार देने की धमकी दी गई थी। मामले में रविंद्र कुशवाहा के आवेदन पर 22 मार्च को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी। इस क्रम में मोबाइल सीडीआर जांच उपरांत चकिया से तीन अपराधियों की गिरफ्तारी की गई। जिसमें पिंटू कुमार, विपुल कुमार ,तथा शमा आलम शामिल है। थानाध्यक्ष ने बताया कि इनका गैंग मुकेश पाठक, सुजीत चौधरी ,एवं गोलु दुबे के इशारे पर चलता है। वहीं उन्होंने बताया कि अपराधी विकास सिंह से भी इनका संबंध है। थानाध्यक्ष ने बताया कि 21 मार्च को यह तीनों अपराधी रविंद्र कुशवाहा की हत्या के नियत से बेतिया तक पीछा की है परंतु सफलता नहीं मिल पाई पुलिस गाड़ी को देख पॉलिथीन में पिस्टल और कारतूस को रख मझौलिया थाना क्षेत्र के अमवा मन के समीप गड्ढा खोदकर छुपा दिया था। थानाध्यक्ष ने बताया कि 26 अक्टूबर को रविंद्र कुशवाहा के दुकान पर इसी गैंग के लोगों द्वारा गोली चलाई गई थी जिसमें रविंद्र कुशवाहा के आदमी बीगु माझी को गोली लगी थी। इस मामले में थाना में 477/2018 कांड संख्या दर्ज कर प्राथमिकी की गई थी। जिसमें पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जो मोतिहारी जेल से फिलहाल भागलपुर मंडल कारा में बंद है। उन्होंने बताया कि गोली कांड में बाइक चालक विश्वजीत उर्फ गोलू दुबे अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। वहीं उन्होंने बताया कि चकिया का रहने वाला पिंटू कुमार पिता काशीनाथ प्रसाद चकिया थाना के कुआवा गांव का रहने वाला है। जो कि मुख्य षडयंत्रकर्ता है। वह ही अपने बगलगीर के नाम पर सिम निकाल कर धमकी दे रहा था, जिसमें विपुल कुमार भी शामिल था। वही सीमा बेचने वाला शमा आलम भी पुलिस गिरफ्त में है। वही इस कांड के अश्वनी कुमार उर्फ गोलू दुबे फरार चल रहा है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मझौलिया के स्थानीय लाइनर की भूमिका है जिसकी पहचान कर ली गई है जल्द ही पुलिस उसको भी पकड़ कर जेल भेज देगी। इस छापेमारी में मोतिहारी पुलिस के साथ-साथ थानाध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता केस के अनुसंधानकर्ता सुनील कुमार सिंह भी शामिल थे। अपराधियों द्वारा जय श्री महाकाल ग्रुप का नाम लेकर रंगदारी मांगा की जा रहा थी। बताते चलें कि इसी रंगदारी मांग मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष रणधीर कुमार को लाइन हाजिर होना पड़ा था। इससे पूर्व रविन्द्र के गोदाम नानोसती पर 27 जून को परचा चिपका कर रंगदारी की मांग की गई थी फिर 10 जुलाई को उसके दुकान पर परचा फेक रंगदारी की मांग की गई थी। रविन्द्र के मोबाइल नम्बर पर अपराधियों द्वारा लगातार धमकी से परिजन सहमे हुये है।

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