10 सूत्री मांगों को लेकर जीविका कर्मियों ने किया धरना प्रदर्शन

अंजुम आलम की रिपोर्ट
जमुई: बिहार प्रदेश जीविका कैडर संघ के बैनर तले अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर जीविका दीदियों ने शहर में भव्य जुलूस निकाला। जुलुस श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम से निकलकर अम्बेदकर चौक होते हुए समाहरणालय पहुंचा और हज़ारों दीदियों ने समाहरणालय कर घेराव किया। साथ ही सरकार विरोधी नारे भी लगाये। नीतीश कुमार मुर्दाबाद, मजदूरी चोर गद्दी छोड़, जीविका दीदियों को सिर्फ वोट बैंक के रूप में देखना बंद करो, हमारी मांगे पूरी हो नहीं तो दबेगा नोटा, नीतीश कुमार शर्म करो भीख मंगवाना बंद करो, जैसे नारे से सरकार के प्रति विरोध जता रहे थे। मौके पर संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि जीविका महिला सशक्तिकरण के लिए बिहार सरकार की एक परियोजना है जिससे बिहार की करोड़ों महिलाएं जुड़ी हुई है। जो विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है मानव श्रृंखला, वित्तीय साक्षरता, शराबबंदी, मनरेगा सर्वेक्षण, विद्यालय निरीक्षण, स्वच्छता और शौचालय निर्माण योजना इसके कई उदाहरण है इसके बावजूद सरकार हम लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही हैं। सरकार जीविका को सिर्फ वोट बैंक के रूप में देखती है और इस्तेमाल करती है लेकिन अब यह सब चलने वाला नही है सरकार अगर हमारी 10 सूत्री मांगों को नहीं मानती है तो जीविका से जुड़े करोड़ों जमीन स्तर के कार्यकर्ता और जीविका दीदियां आगामी लोकसभा चुनाव में नोटा दबाएंगे। वहीं जिलाध्यक्ष अशोक कुमार महतो ने कहा कि सरकार को चाहिए कि संघ की मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार करें नहीं तो सरकार अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें।संघ की नेत्री प्रेमलता कुमारी ने कहा कि जीविका सिर्फ कहने को रह गई है महिला सशक्तिकरण की परियोजना यहां सिर्फ लूट खसोट,शोषण और प्रताड़ना चल रहा है सरकार को हमारी जायज मांगों के साथ-साथ इन सब मुद्दों पर भी पहल करनी चाहिए। वहीं जुलूस में शामिल लोग समाहरणालय पहुंचकर कुछ देर के लिए धरने पर बैठ गए, बाद में एक प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। 10 सूत्री मांगों में सभी कैडरों को जीविका की ओर से नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र और निर्धारित ड्रेस मिलें। मानदेय “कंट्रीब्यूशन सिस्टम” पर अविलंब रोक लगे। मानदेय का भुगतान नियमित और बैंक खाते में हो। प्रखंड स्तर पर काम करने वाले कैडर का मानदेय 18000, संकुल स्तर पर 15000। ग्राम संगठन स्तर पर 13000 स्वयं सहायता समूह स्तर पर 12000 रूपये प्रतिमाह हो आदि मांग शामिल हैं। मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष, भारती कुमारी, मुंगेर जिलाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह, खगड़िया जिला अध्यक्ष प्रवीण कुमार, लखीसराय जिलाध्यक्ष बिपिन भारती, शेखपुरा जिलाध्यक्ष रामचंद्र प्रसाद, शोभा देवी, पिंकी देवी, मधु देवी, चंदा कुमारी, नीतू कुमारी सहित हजारों कैडर और दिदिया शामिल थे।

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