17 लाख लोगों पर है महज 10 चिकित्सक,सदर अस्पताल में साधनों का भी है अभाव


रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:-जिले में करीब 17 लाख आबादी के बीच सदर अस्पताल में महज 10 चिकित्सक ही कार्यरत हैं।ऐसे में जिले के लोगों को चिकित्सीय सुविधा कैसे और कितना मुहैया हो पाएगी,इससे तो सभी लोग वाकिफ हैं।लेकिन स्वास्थ्य को लेकर एक ओर सरकार बड़े-बड़े दाबे कर रही है स्वास्थ्य से संबंधित कई योजनाओं को धरातल पर उतारने की बात कह रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की दूर दशा दिन-प्रतिदिन बत्तर होती जा रही है।हालांकि सदर अस्पताल में पहले की अपेक्षा स्वास्थ्य सेवा में कुछ सुधार साधनों में हुई है लेकिन साधन होने के बावजूद उसे ऑपरेट करने के लिए टेक्नीशियन प्रचुर मात्रा में बहाल नहीं है।तो कई साधनों का भी अभाव है।

कमरे में बंद खराब हो रही है अल्ट्रासाउंड मशीन
जिले का सदर अस्पताल जहां अल्ट्रासाउंड की मशीन है लेकिन उसे ऑपरेट करने वाला कोई टेक्नीशियन नहीं है।महीनों से अल्ट्रासाउंड की मशीन एक कमरे में बंद अस्पताल के लिए शोभा बनी हुई है।अल्ट्रासाउंड की मशीन नहीं होने की वजह से खास कर प्रसव के लिए आई गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।इलाज के लिए अस्पताल आयी विनीता देवी,रेखा देवी,सरिता देवी बताती है कि अल्ट्रासाउंड अस्पताल में फ्री किया जाता था आज उसी अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती महिलाओं को 700 रुपया देकर प्राइवेट से कराना पड़ रहा है।लेकिन विभाग सबकुछ जानते हुए भी अनजान बनी बैठी है।

जांच सुविधाओं की भी है कमी
बताते चलें कि ओपीडी के वक़्त एक निजी एनजीओ द्वारा सदर अस्पताल में कुछ जांच की जा रही है।जिसमें बीपी,ब्लड सुगर,वजन,ऊँचाई व ईसीजी शामिल हैं लेकिन ईसीजी के लिए भी मरीजों को 50 रुपये देने होते हैं।जबकि कई जांच निःशुल्क हैं।हालांकि सदर अस्पताल में स्थित नियमित अन्य कई तरह के जांच की सुविधा है लेकिन पूरे सदर अस्पताल में जांच कक्ष में जहाँ 06 टेक्नीशियन होनी चाहिए उसे महज एक टेक्नीशियन और एक सहायक संभाल रहे हैं।जिससे कई प्रकार के जांच की सुविधा लोगों को नहीं मिल पाती है।

ऑपरेशन थियेटर में हैं प्रयाप्त दवाई तो प्रसव कक्ष में है कमी
सदर अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में कार्यरत एएनएम ने बताई की ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां प्रयाप्त मात्रा में हैं।वर्तमान में 31 तरह की दवाई उपलब्धयां है।कुछ दवाई की कमी है।जबकि प्रसव कक्ष में जब कार्यरत एएनएम से सोमवार को दवाइयों की जानकारी के लिए पूछ-ताछ की गई तो उन्होंने ज़्यादा काम होने की बात कह कर कुछ भी बताने से इनकार कर दी।बताते चलें कि प्रसव कक्ष में दवाइयां मौजूद होने के बावजूद भी एएनएम और आशा कर्मी की मिलीभगत से दवाइयां बाहर से मंगवाई जाती है।जिस वजह से एएनएम द्वारा दवाई के स्टॉक की जानकारी देने से मुकर गई।

कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ.श्याम मोहन दास ने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन और जांच को लेकर टेक्नीशियन के लिए मांग की गई है।स्वास्थ्य कर्मी के अभाव को लेकर भी कई बार विभाग को लिखा गया है।

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