तंबाकू की गिरफ्त में 13% बेस्ट बस के ड्राइवर और कंडक्टर


आर.पी.मौर्या
मुंबई। बेस्ट बसों में ड्राइवर और कंडक्टर में तंबाकू के कारन कैंसर होने की संभावना बढ़ रही है। 13 प्रतिशत लोगों में कैंसर के शुरुआती लक्षण भी देखने को मिले हैं। टाटा अस्पताल द्वारा किए गए एक सर्वे रिपोर्ट में जिसे हाल ही में ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

तंबाकू की आदत और इससे होने वाली समस्या को समझने के लिए 4000 बेस्ट ड्राइवरों और कंडक्टरों का सर्वे किया गया था और इस रिपोर्ट के अनुसार, 42 प्रतिशत लोग तंबाकू का सेवन करते पाए गए है। जबकि 18 प्रतिशत लोगों में कैंसर के शुरुआती लक्षण दिखे है । हालांकि क्लीनिकल जांच के बाद 13 प्रतिशत लोगों में कैंसर के शुरुआती लक्षण की पुष्टि हुई है । बेस्ट प्रशासन के अनुसार, यह सर्वे उनके कर्मचारियों द्वारा तंबाकू उत्पाद छोड़ने के लिए चलाए गए एक प्रोग्राम हिस्सा है। इसके तहत अबतक 15 हजार लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए जागरूक किया जा चुका है।

रिपोर्ट के अनुसार यह पता चलता है कि तंबाकू का सेवन करने वाले ड्राइवर और कंडक्टर सबसे अधिक बिना धुआं वाले तंबाकू का सेवन करते हैं। इसमें मुख्य रूप से खैनी, पान मसाला, गुटखा इत्यादि शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में पब्लिक परिवहन से जुड़े लोगों का तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल करना दर्शाता है कि इसके लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

टाटा अस्पताल के सिर और गले के कैंसर रोग विभागाध्यक्ष ने कहा कि ज्यादातर ड्राइवर को लगता है कि तंबाकू का इस्तेमाल करने से ड्राइविंग के दौरान वह एलर्ट रहते हैं। हालांकि यह केवल एक भ्रम और गलत धारणा है। सच तो यह है कि तंबाकू के कारण उनकी स्टेमिना कम होने के साथ ही प्रॉडक्टिविटी पर भी असर पड़ता है। रिपोर्ट चौकाने वाला है, तंबाकू जागरूकता अभियान को लेकर और गंभीर होने की जरूरत है।

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