6 से 8 घण्टे रोजाना बिजली काट विद्युत कटौती से नाराज निकला मोर्चा


आर.पी.मौर्या संवाददाता
वसई। वसई-विरार में जहाँ एक तरफ लोग बिजली व पानी की समस्या से परेशान है। वहीं दूसरी तरफ अनियमित बिजली कटौती से परेशान क्षेत्र के नागरिक असहाय महसूस कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि विभाग द्वारा बिना जानकारी दिए क्षेत्र में ६ से ८ घण्टे रोजाना बिजली काट दिया जाता है और इसके बाद भी महावितरण विभाग द्वारा बिल बढ़ा कर ही भेजती है।

गौरतलब है कि अगर गर्मी के महीनों में बिजली कटौती की जाती है, तो बिल भी कम आना चाहिए। गत दिनों भाजपा नेताओं ने महावितरण विभाग अधिकारियों से मिलकर क्षेत्र में हो रही अनियमित बिजली कटौती को लेकर ज्ञापन सौंपा था और उसके कुछ समय पश्चात बहुजन विकास आघाडी (ब.वि.आ.) नगरसेवक आजीव पाटील के नेतृत्व में विरार पूर्व के नाना-नानी पार्क स्थित महावितरण विभाग में ज्ञापन सौंपा गया था । इसी मामले को लेकर १७ जून दिन सोमवार दोपहर १२ बजे मनपा महापौर रूपेश जाधव के नेतृत्व में ब.वि.आ. के लोगों द्वारा वसई पूर्व के महावितरण विभाग मुख्यालय का घेराव किया गया था और सम्बंधित विभाग अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान साफ कहा गया कि यदि मांगे पूरी नहीं हुईं तो समूचा वसई तालुका बंद होगा। जिसका जिम्मेदार बिजली विभाग होगा। इस बाबत अधीक्षक अभियंता दिनेश अग्रवाल से मुलाकात कर उन्हें पत्रक भी सौंपा गया। श्री अग्रवाल ने जल्द ही समस्या के समाधान किये जाने का आश्वासन दिया। मोर्चे में मुख्य रूप से महापौर रूपेश जाधव, उपमहापौर प्रकाश रोड्रिक्स सहित बड़ी संख्या में ब.वि.आ. कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे है।

देखा जाय तो महावितरण के कितने अधिकारी आम जनता को परेशान करते भी नजर आते है। महावितरण के अधिकारी कब इस सब को सही करेंगे इसकी यह जनता का कहना है जो गरीब डेली मजदूरी कर कितानो के घरो में १ बल्ब और पंखा होने के बावजूद भी ये १००० से २००० तक महीने का बिल भेजते है कितने लेटर और कारवाही नहीं की जाती है। गरीब करे तो क्या ?

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