बिहार में AES का कहर जारी, अब तक 72 बच्चों की मौत

सोनू मिश्रा, संवाददाता
पटना। बिहार में एईएस(एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम) से 72 बच्चों की मौत से हाहाकार मचा हुआ है। बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है,विदेश और देश दौरे के बाद आखिरकार सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय मुजफ्फरपुर पहुंच ही गए. शुक्रवार की सुबह मंगल पांडेय ने जिला मुजफ्फरपुर SKMCH अस्पताल का निरीक्षण किया. इसके साथ ही डॉक्टरों के साथ बैठक कर पीड़ित बच्चों का जायजा लिया. जिसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फेंस किया। पीसी उनके साथ अधीक्षक, प्राचार्य, अस्पताल प्रबंधन भी मौजूद रहे। पीसी के दौरान उन्होंने कहा कि जागरुकता अभियान में सबके सहयोग की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के बारे में दिल्ली जाकर उन्होंने की विस्तृत चर्चा की है। जिसमें केंद्रीय टीम के सुझाव को अपनाया गया।

उन्होंने बताया 12 जिलों के डीएम को एडवाइजरी जारी की जाएगी। वहीं 6 अतिरिक्त एंबुलेंस एसकेएमसीएच में उपलब्ध रहेंगी। बच्चों का बेहतर इलाज और उपचार किया जा रहा है। 27 बच्चों को कल तक डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 66 बच्चे अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। बता दें कि बिहार के कई जिलों में एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम यानि AES का कहर जारी है. इस मौसम में उत्‍तर बिहार के सबसे बड़े अस्‍पताल श्रीकृष्‍ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्‍पताल (एसकेएमसीएच) एवं केजरीवाल अस्पताल में अब तक 72 बच्चों की मौत हो चुकी है। जबकि, 189 बच्चों को भर्ती कराया गया है। उधर, मोतिहारी में भी एईएस पीड़ित एक बच्चे को भर्ती कराया गया। इस सीजन में सोमवार को स्थ‍ि‍त‍ि सबसे भयावह रही, जब 23 बच्चों की मौत हुई थी। इधर, बुधवार की देर शाम केंद्रीय टीम एसकेएमसीएच पहुंची। विशेषज्ञ च‍िक‍ित्सकों ने पीड़ि‍त बच्चों की जांच की। साथ ही, स्थानीय डॉक्टरों की टीम के साथ बीमारी और कारणों पर चर्चा भी की। आपको बता दें एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम यानि AES से बिहार में हो रही बच्चों की मौत की गूंज दिल्ली तक है ।

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