नवजात की मौत के बाद परिजनों ने सदर अस्पताल में जमकर किया हंगामा


रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:-सदर अस्पताल जमुई में सोमवार की अहले सुबह फिर एक नवजात की मौत ऑक्सीजन के अभाव में हो गई।परिजन के अनुसार प्रसव के बाद नवजात को समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने की वजह से मौत हो गई।मौत के बाद नवजात के पिता ने डॉक्टर और एएनएम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया।बताते चलें कि सोनो थानाक्षेत्र के पँजिया गांव निवासी बनारसी यादव अपनी पत्नी गायत्री देवी को प्रसव के लिए 1 जून को सदर अस्पताल लाया था।जहाँ सोमवार को सुबह साढ़े 5 बजे बच्चे का जन्म हुआ।

जन्म के समय बच्चे का चल रहा था नव्ज़,एएनएम द्वारा दी गई थी सुई
वहीं नवजात के पिता बनारसी यादव ने बताया कि जन्म के बाद से बच्चे का नव्ज़ चल रहा था बच्चे को एएनएम द्वारा सुई भी दी गई थी लेकिन वो स्वांस नहीं ले पा रहा था।जिस वजह से ऑक्सीजन लगाने को लेकर सदर अस्पताल में रखा ऑक्सीजन सिलेंडर का नोजल इतना जाम था कि खोला नहीं जा सका उसके बाद बच्चे को नीचे इमरजेंसी वार्ड में लाया गया जहाँ चिकित्सक द्वारा भी अनदेखा किया गया।लगभग 10 मिनट तक चिकित्सक अरविंद कुमार यह कहते हुए बच्चे को देखने पहुंचे की ज़्यादा हड़बड़ाने से कुछ नहीं होता है।लेकिन जबतक चिकित्सक नवजात को देखते तबतक बच्चे की मौत ऑक्सीजन के अभाव में हो चुकी थी।

ऑक्सीजन सिलेंडर गिरने से एएनएम के पैर की टूटी अंगुली
इधर बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने जमकर सदर अस्पताल में हंगामा मचाया और डॉक्टर व एएनएम पर कार्रवाई की मांग करने लगे।इसी क्रम में ऑक्सीजन सिलेंडर काम नहीं करने की वजह से आक्रोशित परिजनों ने सिलेंडर को धक्का दे दिया जिससे सिलेंडर एएनएम सुनीता के पैर पर जा गिरा और उसके पैर की उंगली टूट गई।जिससे जख्मी हो गई।

मृत अवस्था में बच्चा हुआ था पैदा:-चिकित्सक
हालांकि इस सम्बंध में डॉक्टर स्वेता कुमारी ने बताई कि महिला का नॉर्मल प्रसव करवाया गया है लेकिन बच्चा मृत अवस्था में ही पैदा हुआ था।जब बच्चे जीवित ही नहीं थे तो उसे ऑक्सीजन क्यों लगाया जाता।परिजन नवजात के मृत होने की बात नहीं मान रहे थे और हंगामा करने लगे।परिजन जबरन ऑक्सीजन लगाने के लिए बोल रहे थे।इधर हंगामे की सूचना के बाद अस्पताल के डीएस डॉ सैय्यद नौसाद अहमद अस्पताल पहुंचे और हंगामे को शांत कराया।और मामले की जांच करने की बात कही।

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