हथियार बंद नक्सलियों ने घर में घुसकर मचाया तांडव

रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:-जिले के मलयपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मलयपुर बस्ती स्थित आभूषण व्यवसायी राजबहादुर साह के घर में लगभग 100 की संख्यां में आये हथियारबंद नक्सलियों ने लूट की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया।घटना तकरीबन 09 बजे रात की बताई जा रही है।सभी नक्सली वर्दी में आये थे नक्सलियों के समूह में महिला नक्सली भी शामिल थी।बताया जाता है कि मनोरमा ज्वेलर्स के मालिक राजबहादुर साह के घर में 10 की संख्यां में हथियारबंद नक्सलीयों ने प्रवेश किया और परिवार के सभी लोगों को अपने कब्ज़े में ले लिया।उसके बाद लगभग आधा घंटे से अधिक समय तक लूट-पात किया।

लूट का विरोध करने पर नक्सलियों ने पिता और पुत्री को मारी गोली
हालांकि लूट-पात के दौरान जब राजबहादुर साह ने इसका विरोध किया तो नक्सलियों द्वारा 05 राउंड गोलीबारी की गई।गोलीबारी के दौरान एक गोली राजबहादुर साह के दाहिने हाथ में लगी तो वहीं दूसरी,तीसरी,चौथी और पांचवीं गोली उसकी पुत्री अमृता राज उर्फ निक्की कुमारी के पैर और जाँघ में लग गई।जिससे पिता और पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गए।जब नक्सलियों द्वारा लूट-पात की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए तो परिजन व स्थानिए लोगों की मदद से दोनो को एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।जहाँ अमृता राज उर्फ निक्की की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सक ने बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया।फिलहाल युवती की हालत गंभीर बनी हुई है।

लाल सलाम और जिंदाबाद के नारे लगा कर भागे नक्सली
वहीं स्थानिए लोगों ने बताया कि जिस वक्त नक्सली द्वारा लूट की घटना को अंजाम दिया जा रहा था तो उस वक़्त लगभग 100 की संख्यां में नक्सली घर व पूरे गांव को घेरे हुए था।घटना को अंजाम देने के बाद लाल सलाम और जिंदाबाद के नारे लगाते हुए सभी नक्सली देवाचक के जंगल की ओर चले गए।

जेवरात सहित लाखों का सामान लूटा
बताया जाता है कि नक्सली सभी घर वालों को कब्ज़ा में लेकर लगभग आधा घंटे तक लूट की वारदात को अंजाम दिया।घर में रखे नगद,जेवरात सहित लाखों की कीमती समान लूट कर फरार हो गए।सूत्रों की माने तो घर में रखा लगभग दो से ढाई किलो सोना,कुछ नगद रुपया व लाखों रुपये के समान लूटकर फरार हो गए।

नक्सली और अपराधी के बीच उलझी मामला
बताते चलें कि इस सुनियोजित ढंग से लूट की वारदात को अंजाम देना,विरोध करने पर गोली मारना शायद यह घटना नक्सलियों द्वारा जिले में पहली घटना है।लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि नक्सली लूट की वारदात को वो भी केवल एक घर में कैसे कर सकता है जो आजतक पूरे जिले में कहीं भी नहीं किया हो।हालांकि इस घटना में नक्सली गतिविधि कम और अपराधियों के संलिप्तता ज्यादा लग रही है।फिलहाल परिजन की माने तो नक्सली घटना है।लेकिन जांच का विषय है। पुलिस अनुसंधान के बाद ही मामला सामने आ पायेगा।इस सम्बंध में एसपी ने बताया कि वारदात के हर पहलू पर नज़र रखते हुए जांच की जा रही है बहुत जल्द ही मामला सामने आ जायेगा।

देर से पहुँची पुलिस को करना पड़ा आक्रोशित लोगों का सामना
इधर सूचना के बाद देर से पहुँची पुलिस को आक्रोशित लोगों का सामना करना पड़ा।घटना स्थल पर देर से पहुंचे एसडीपीओ रामपुकार सिंह को देख ग्रामीण आक्रोशित हो गए।जिसे समझा-बुझा कर शांत करवाया गया।वहीं स्थानिए लोगों की माने तो घटना के आधा घंटे बाद पुलिस पहुंची है जबकि पुलिस को इस वारदात की सूचना शुरू में ही दे दी गई थी।हालांकि सदर एसडीपीओ रामपुकार सिंह दल-बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और मामले की तहकीकात करते हुए देवाचक जंगल की ओर छापेमारी के लिए निकल गए।वहीं प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया कि देवाचक जंगल की ओर से गोलीबारी की भी आवाज़ सुनाई दी है।फिलहाल पुलिस छापेमारी कर रही है।

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