मुंबई के वसई-विरार महानगर पालिका में बड़ा हड़कंप


आर.पी.मौर्या
वसई। भ्रष्टाचार के इस महासंगम में ठेका कर्मचारियों और ठेकेदारों से लेकर मनपा के विभिन्न विभाग के उच्चाधिकारियों तक शामिल है। पालिका प्रशासन का कोई विभाग ऐसा नहीं है जो इसमें शामिल न हुवा हो ।घरपट्टी, वैद्यकीय, नल, गटर व रास्ते के हिसाब किताब में भारी घोटाला किया है और इसके बावजूद प्रशासन के 3165 ठेकाकर्मियों की तनख्वाह, उनका वैद्यकीय भत्ता,घर भत्ता सब खा चुके हैं। मजे की बात यह कि सतीश लोखंडे के जाते ही इतने बड़े घोटाले का फदार्फाश होना भी स्वयं में एक दिलचस्प कहानी का संकेत दे रहा है।

ठेकेदार और मनपा अधिकारी दोनों ने मिलकर सत्ताधारी के आशीर्वाद से सरकार व ठेके कर्मचारियों का 122 करोड़ रुपए लूटा है, जिसमे सरकार का 29.50 करोड़ टैक्स है, कर्मचारियों का वेतन 92.50 करोड़ है, जिसके बाद मामले में छोटी सी छोटी दस्तावजों को इकट्ठा की गई है और उसके बाद मामले को भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों को घोटाले के बारे में अवगत कराया गया । जहां पालघर पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद विरार पुलिस स्टेशन में घोटाले का मामला दर्ज भी कर लिया है।
ज्ञात हो कि निवर्तमान पालिका आयुक्त के स्थानांतरण के तुरंत बाद 122, 47, 74, 366 करोड़ के बड़े घोटाले के उजागर होने से स्थानीय शासन प्रशासन सकते में है। तत्कालीन आयुक्त सतीश लोखंडे के कार्यकाल में मनपा शहर कई अच्छे कार्य हुए थे, लेकिन जो मामला उनके कार्यकाल के दौरान तथा उनके जाने बाद सामने आया है हर कोई उसे सुनकर पाव तले जमीन ही खिसक गई है, क्योकि इतने बड़े महाघोटाले आने से लोखंडे पर भी सवाल खड़े करते दिखाई दे रहे है।

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