बीएमसी ने ऑडिट में बरती लापरवाही


आर.पी.मौर्या
मुंबई। मुंबई में छत्रपति शिवाजी स्टेशन के पास बने एक फुटओवर ब्रिज का बड़ा हिस्सा गुरुवार शाम 7:30 बजे गिर गया है। हादसे में 3 महिलाओं समेत 6 लोगों की मौत हो गई, 36 लोग घायल हैं। कई लोग मलबे में दब गए थे। हादसे के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने पीड़ित परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की और सीएम फडणवीस ने शुक्रवार सुबह खुद घटनास्थल पर पहुंचकर वहां का जायजा लिया। मामले में आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में धारा 304 ए के तहत मध्य रेलवे और बीएमसी के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दिया गया है।
मुंबई के सीएसटी स्टेशन के पास हुए पुल हादसे में एक बड़ा खुलासा किया गया है और अभी तक सामने आई शुरुआती जांच रिपोर्ट में इस हादसे के पीछे बीएमसी की गलती नज़र आती दिखाई दे रहा है। गुरुवार हुए हादसे के बाद से ही रेलवे और बीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी हो गया है। सामने आई रिपोर्ट की मानें तो कुछ समय पहले जब अंधेरी में पुल हादसा हुआ था तब इस पुल का भी ऑडिट किया गया था। यह पुल 1981 में बना था और इसकी जिम्मेदारी बीएमसी के इंजीनियरों के पास मौजूद थी।

रिपोर्ट के मुताबिक ऑडिट के बाद बीएमसी को कुछ सुधार करने करने के लिए कहा था। लेकिन बीएमसी ने उसे ठीक नहीं किया था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अगर सुधार नहीं किया गया है तो ब्रिज को इस पर रोक लगा सकते थे। जो पुल गिरा है उसके गार्डर पर जंग भी लगा हुआ था इसी वजह से पुल नीचे गिरा। जंग लगने के कारण पुल कमजोर हो गया था।

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