‘बॉडी फिट’ तो ‘माइंड फिट’ :- पीएम मोदी


ऋषी तिवारी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां गुरुवार को ‘फिट इंडिया’ आंदोलन का शुभारंभ किया और कहा कि ‘स्वच्छ भारत’ अभियान की तरह ही इसे भी देश के कोने-कोने में पहुंचाकर जन आंदोलन बनाना होगा और राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर भरे इंदिरा गांधी स्टेडियम में मोदी ने कहा कि आज का दिन युवा खिलाड़ियों को बधाई देने का दिन है जो दुनिया के मंच पर तिरंगे का परचम लहरा रहे हैं। बैडमिंटन हो, टेनिस, एथलेटिक्स या कुश्ती हो, भारतीय खिलाड़ियों का पदक उनकी तपस्या का परिणाम तो है ही, साथ ही यह नए भारत के नए जोश और नए आत्मविश्वास का भी पैमाना है

मोदी ने कहा कि फिटनेस एक जन आंदोलन बनना चाहिए। बैडमिंटन, कुश्ती समेत सभी खेलों में हमारे खिलाड़ी उम्मीदों को नए पंख लगा रहे हैं। ये नए भारत के आत्मविश्वास का पैमाना है। खेलों के प्रति बेहतर माहौल बनाने के लिए जो प्रयास हुए उसका लाभ मिलता दिखाई दे रहा है। फिटनेस एक शब्द नहीं, बल्कि स्वस्थ और समृद्ध जीवन की एक जरूरत है। हमारी संस्कृति में फिटनेस पर जोर दिया गया है। यह हमारे जीवन का सहज हिस्सा रही है। हमारे पूर्वजों ने कहा है कि व्यायाम से ही स्वास्थ्य, लंबी आयु और सुख मिलता है। स्वस्थ रहने से सभी कार्य सिद्ध होते हैं, अब सुनने को मिलता है कि स्वार्थ से ही सभी कार्य सिद्ध होते हैं। इसलिए स्वार्थ से स्वस्थ के भाव का कार्य जरूरी हो गया है।

फिटनेस पर ध्यान नहीं देने से समाज में एक उदासीनता आ गई है। पहले एक व्यक्ति दिनभर में कुछ किलोमीटर पैदल चल लिया करता था। आधुनिक साधनों और तकनीक ने शारीरिक गतिविधियां कम कर दी हैं। टेक्नोलॉजी हमें बताती है कि आप आज कितने कदम चले। बहुत से लोग स्वास्थ्य के प्रति सतर्क हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो डेली लाइफ पर ध्यान नहीं देते। कई लोग आराम से खाना खाते हुए डाइटिंग पर बातें करते रहते हैं। घर में फिटनेस के लिए सामान होते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में एक कमरे में रख दिए जाते हैं।

मोदी ने कहा, ‘‘दुनियाभर में ऐसे अभियानों में इसकी जरूरत महसूस की जा रही है। पड़ोसी चीन भी हेल्दी चाइना 2030 पर काम कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने 2030 तक 15% लोगों को आलस्य से निकालने का लक्ष्य रखा है। अमेरिका 1000 शहरों को फिटनेस से जोड़ने पर काम कर रहा है। ब्रिटेन और जर्मनी भी फिटनेस की जरूरतों को समझ रहा है। कई देश पहले से इस पर काम कर रहे हैं। नए भारत का हर नागरिक फिट रहे, तभी देश आगे बढ़ेगा। मजबूत लक्ष्य तय करने पर दिनचर्या वैसी बन जाती है। अगर कोई पैदल चलने और स्वास्थ्य को लेकर जागरूक है तो ड्रग्स से दूर रहेगा। स्वामी विवेकानंद कहते थे कि जीवन में कोई लक्ष्य हो तो जीवन संतुलित हो जाता है।’’

अभियान के पहले महीने में देश के सभी शिक्षण संस्थानों में खेल प्रतिभाओं के साथ वॉकथान, साइकिल रैली आयोजित होंगी और चेकअप कैंप लगाए जाएंगे। दूसरे महीने में कस्बा, जिलों में स्कूल और यूनिवर्सिटी में हर स्तर पर खेल इवेंट होंगे। इसमें सभी छात्रों को शारीरिक गतिविधि में शामिल होना जरूरी होगा। तीसरे महीने में सोशल मीडिया के जरिए फिटनेस क्लब बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे हर हफ्ते शारीरिक गतिविधियों में परिवार और दोस्तों को शामिल कर सकें। चौथे महीने में खेल मैदानों को तैयार करने पर काम होगा।

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