मनाया गया आस्था का पर्व सोमवती अमावस्या

रमेश शंकर की रिपोर्ट
समस्तीपुर/कल्याणपुर: जिले के विभिन्न जगहों पर आज आस्था का पर्व सोमवती अमावस्या मनाया गया। इस अमावस्या के व्रत का शास्त्रों के अनुसार बहुत महत्व है साथ ही बीते कल नरक निवारण चतुर्दशी का पर्व था। आज के दिन व्रती महिलाओं ने पीपल के पेड़ की 108 परिक्रमा कर धागा बांधकर पति के लंबी उम्र की कामना की। इसका कुछ दृश्य विभिन्न मंदिरों के प्रांगण में देखने को मिला, वहीं बिरसिंहपुर पंचायत अंतर्गत श्रीश्री108 पुरानी दुर्गा मंदिर के परिसर में भी व्रतियों का भीड़ देखने को मिला। यहां के कार्यकर्ताओं की माने तो इस मंदिर की बहुत पुरानी मान्यता है यहां त्रेता युग में भगवान श्रीराम लक्ष्मण अपने गुरु विश्वामित्र के साथ इस स्थान पर रात्रि विश्राम किए थे। इसलिए पुराने जमाने के लोगों के मुख से इस स्थल का नाम धनुषा जनकपुर कहा जाता है। इसी स्थान पर एक सरोवर है जहां प्रभु ने स्नान किया था। वहीँ अगर सरकार इन तथ्यों पर विचार करें तो यह जगह एक पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित हो सकता है, लेकिन कुछ लोग निजी स्वार्थ के कारण ऐसा होने नहीं देना चाहते हैं। इस मौके पर अध्यक्ष (बाबा) जयशंकर प्रसाद सिंह, पूजा कमिटी अखिलेश्वर प्रसाद सिंह, उप मुखिया, बिरसिंहपुर, बाबा विश्वास पुरी, (शिष्य) पंच दशनाम् जूना अखाड़ा, बिरसिंहपुर एवं ग्रामीणो ने अपना अपना विचार प्रकट किया।

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