सीएम नीतीश बिहार में नदियों के जलस्तर व बांधों पर चल रही तैयारियों पर समीक्षा बैठक की


राम नरेश ठाकुर, ब्यूरो
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को बाढ़ की संभावित स्थिति और उससे निपटने की चल रही तैयारियों पर समीक्षा बैठक की और इस पर उन्होंने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया कि नदियों के जलस्तर पर नजर बनाए रखें। जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग संभावित सभी परिस्थितियों के लिए आपस में समन्वय बनाये रखें। बैठक में आने वाले कुछ दिनों में संभावित बारिश की रिपोर्ट पर भी विस्तार से चर्चा किया गया और मौके पर मुख्य सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार और मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह मौजूद थे।

बिहार में कई दिनों से जारी बारिश के कारण राज्य की नदियों का पानी लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार की सुबह से शाम तक कई नदियों का पानी 50 हजार क्यूसेक तक बढ़ गया है जिससे राज्य के कई जिलों के कुछ नए इलाके में पानी प्रवेश करने की आशंका बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंडक, बागमती, अधवारा समूह, कमला बलान, कोसी, महानंदा, परमान, भुतही बलान का पानी और बढ़ने की संभावना है। हालांकि जल संसाधन विभाग ने सूबे के सभी तटबंधों के सुरक्षित होने का दावा किया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार कोसी नदी का पानी बराह में शुक्रवार की सुबह एक लाख 20 हजार क्यूसेक था, जो शाम तक एक लाख 77 हजार क्यूसेक को पार कर गया। बीरपुर बराज में कोसी का पानी सुबह में एक लाख 65 हजार क्यूसेक था जो शाम तक एक लाख 91 हजार क्यूसेक और गंडक नदी का पानी वाल्मीकिनगर में 52 हजार से बढ़कर 75 हजार क्यूसेक हो गया। सोन नदी का पानी इंद्रपुरी बराज पर शाम में 48 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया। बागमती नदी सीतामढ़ी के ढेंग, सोनाखान, डुब्बाधर, कनसर-चंदौली और कंटौझा में और कमला बलान का पानी मधुबनी के जयनगर और झंझारपुर में खतरे के निशान से ऊपर हो गयी। इसी तरह भुतही बलान मधुबनी, ललबकिया पूर्वी चम्पारण और महानंदा पूर्णिया के ढेंगराघाट में खतरे के निशान को पार कर गया।

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