बॉक्सिंग दिल्ली में चल रहे वर्ल्ड चैंपियनशिप के सिलेक्शन ट्रायल में विवाद


छह बार वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर एमसी मेरीकॉम को बिना ट्रायल के वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में जगह मिल गई और राज्य सभा सांसद मैरीकाॅम ने बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर ट्रायल नहीं कराने की बात कही थी। उनका कहना था कि ट्रायल में शामिल होने वाले दोनों खिलाड़ियों को उन्होंने हराया है। ऐसे में ट्रायल का औचित्य नहीं है। फेडरेशन ने मैरीकॉम की बात को मानते हुए ट्रायल नहीं कराने का फैसला किया।

मई में इंडिया ओपन के सेमीफाइनल में मेरीकॉम ने निखत को 4-1 से और फाइनल में वनलाल को 5-0 से हराया था। इस कारण उन्होंने ट्रायल नहीं कराने को कहा गया। वहीं इंडिया ओपन में 75 किग्रा वेट कैटेगरी का गोल्ड भाग्यबती ने जीता था, लेकिन वे बुधवार को ट्रायल में हारकर बाहर हाे गईं। उन्हें पूजा रानी ने हराया। पूजा रानी इंडिया ओपन में फर्स्ट राउंड में हार गई थीं। स्वीटी ने इस कैटेगरी के एक अन्य मैच में पूजा को हराया। पूजा इंडिया ओपन की सिल्वर मेडलिस्ट हैं। स्वीटी और पूजा रानी के बीच होने वाले मैच के विजेता को वर्ल्ड चैंपियनशिप में उतरने का मौका मिलेगा। चैंपियनशिप के मुकाबले 3 से 13 अक्टूबर तक रूस में होने हैं।

2016 में निखत जरीन 54 किग्रा वेट कैटेगरी में उतरी थीं और क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थीं। जबकि मेरीकॉम 51 किग्रा वेट कैटेगरी में शामिल हुई थीं। निखत ने लिखा, “अगर हम सभी के लिए नियम बने हैं तो इसे लागू करना चाहिए। मैं आपके दखल की उम्मीद करती हूं, जिससे हर खिलाड़ी का विश्वास बना रहे।” 69 किग्रा वेट कैटेगरी में लवलीना को भी बिना ट्रायल के टीम में जगह मिल गई है।

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