COA की बैठक में ‘हितों के टकराव’ मुद्दे पर चर्चा


बीसीसीआई नैतिक अधिकारी डीके जैन ने वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली से क्रिकेट में कई भूमिकाओं में से एक का चयन करने को कहा था। लोढा सिफारिशों में ‘एक व्यक्ति एक पद’ काफी अहम है और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जैन ने कहा कि पूर्व भारतीय बल्लेबाज लक्ष्मण को तीन में से एक भूमिका को ही चुनना पड़ेगा।

जैन के आदेश को बीसीसीआई को लागू करना होगा। लेकिन उनके आदेश के हिसाब से इरफान पठान, पार्थिव पटेल और रोबिन उथप्पा जैसे मौजूदा खिलाड़ियों को भी कमेंट्री से रोका जा सकता है। ये तीनों विश्व कप विशेषज्ञ के तौर पर विभिन्न मंचों से जुड़े हुए हैं।

बीसीसीआई के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘हितों के टकराव पर और अधिक स्पष्टता चाहिए. इसकी शुरूआत कहां से होती है और इसका अंत कहां है। मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता कि सक्रिय खिलाड़ी जो भी भारत के लिये नहीं खेल रहे, वे कमेंट्री कर रहे हैं जबकि वे घरेलू क्रिकेट में भी व्यस्त नहीं हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसी को कमेंट्री करने से नहीं रोक रहा हूं। संविधान का नियम 38 एक समय में कई पद पर काबिज होने से रोकता है. मैंने यह फैसला किया है कि बीसीसीआई संविधान के तहत हितों का टकराव क्या है।

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