डीएम ने बच्चों को दवा पिलाकर रोटावायरस टीकाकरण का किया शुभारंभ


रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:-सदर अस्पताल के संवाद कक्ष में बुधवार को जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बच्चों को 05 बूंद दवा पिलाकर रोटावायरस टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की।कार्यक्रम के दौरान डीएम धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा चलाये जा रहे कई प्रकार के टीकाकरण में एक और नियमित रूप से चलने वाला टीकाकरण रोटावायरस जुड़ गया है।स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा जिस तरह से जिले में सभी टीकाकरण को सफल बनाया गया है उसी तरह रोटावायरस टीकाकरण अभियान को भी सफल बनायें।उन्होंने ने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश देते हुए कहा कि इस टीकाकरण से एक भी बच्चा छूटे नहीं।जन्म से 05 वर्ष के उम्र तक के सभी बच्चों को नियमित रूप से टिका लगाया जाए।इसके पांच बूंद से जिले के बच्चों को दस्त से मुक्ति मिलेगा।

सिविल सर्जन डॉ. श्याम मोहन दास ने बताया कि इससे पूर्व सरकार 11 बीमारियों के बचाव के लिए बच्चों का टीकाकरण कर रही थी।रोटावायरस वैक्सीन के शुरू होते ही कुल 12 तरह की बीमारियों पर काबू पाया जा सकेगा।उन्होंने बताया कि जिले के 2 लाख 20 हजार बच्चों का टीकाकरण करने का लक्षय रखा गया है।यह टीकाकरण की शुरुआत बुधवार से हो चुकी है।यह वैक्सीन सभी स्वास्थ्य केंद्र व आंगनबाड़ी केंद्र पर उपलब्ध रहेंगे।इसके अलावा प्रत्येक महीना एएनएम द्वारा गांव में जा कर टीकाकरण किया जाएगा।आगे उन्होंने बताया कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है। इस वैक्सीन से अब तक किसी भी प्रकार के मौत की कोई सूचना नहीं मिली है।

वहीं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा. विमल कुमार चौधरी ने बताया कि यह वैक्सीन बच्चों को तीन बार दिया जाएगा। पहली बार 6 सप्ताह में दूसरी बार 10 सप्ताह में और तीसरी बार 14 सप्ताह में बच्चों को वैक्सीन दी जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में टीकाकरण को सफल बनाने के लिए माइक्रो प्लान के तहत कार्य किया जाएगा।इस अवसर पर वरीय चिकित्सक डा. अंजनी कुमार सिन्हा,एसीएमओ डॉ. विजेंद्र कुमार सत्यार्थी,डॉ. आफताब आलम, मेराज जिया, डब्लएचओ के डा.वाडा प्रसाद,केयर इंडिया के संजय कुमार, आईडीएसपी के मो. शमीम अख्तर, आशुतोष रंजन, जिला अनुश्रवण सह मूल्यांकन पदाधिकारी मुकेश कुमार,कुमार गोविंद सहित कई स्वास्थ्य कर्मी व हजयात्री मौजूद थे।

रोटावायरस से प्रत्येक वर्ष 78 हज़ार बच्चों की होती है मृत्यु
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विमल कुमार चौधरी ने बताया कि रोटावायरस एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है।जो बच्चों के लिए दस्त का सबसे बड़ा कारण है।इस संक्रमण के कारण बच्चों को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ सकता है अथवा उसकी मृत्यु हो सकती है।आगे उन्होंने बताया कि दस्त की वजह से बच्चों की मृत्यु दर में 40 प्रतिशत बच्चे रोटावायरस संक्रमण से ग्रसित होते हैं।इस संक्रमण से देश में प्रतिवर्ष लगभग 78000 बच्चों की मृत्यु हो जाती है जिनमे 59000 बच्चों की मृत्यु प्रथम दो वर्षों में होती है।

Comments are closed.