चमकी बुखार क्यों होता है यह पता नहीं, लेकिन बचाव संभव:- नीतीश


राम नरेश ठाकुर, ब्यूरो
पटना। बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) का मुद्दा बिहार विधानमंडल के मनसून सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को भी विधानसभा में उठा। जिसमे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद में मंगलवार को चमकी बुखार पर हो रही चर्चा किया और कहा कि चमकी बुखार क्यों होता है यह ठीक-ठीक पता नहीं, लेकिन इससे बचाव किया जा सकता है। अभी तक जो बातें सामने आईं है उसके अनुसार बीमारी के शिकार अधिकतर लोग गरीब परिवार से हैं और उनमें से भी ज्यादातर बच्चियां हैं।

नीतीश ने कहा कि गरीबी से चमकी बुखार का नाता है। कई ऐसे परिवार सामने आए हैं जिनके पास राशन कार्ड नहीं। ऐसे परिवारों को सर्वे में चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे परिवार जिन्हें अभी तक किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला है, उन पर सरकार का ध्यान है। ऐसे लोगों को 60 हजार से 1 लाख रुपए तक की मदद दी जाएगी ताकि वे छोटा-मोटा काम शुरू कर सकें। कोई दुकान खोलना चाहता है तो दुकान खोले, या गाय-भैंस खरीदे। वैसे गरीब लोग जो पहले शराब चुआते थे, उन्हें भी प्रशिक्षित कर रोजगार के वैकल्पिक उपाए अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्हें भी 60 हजार से 1 लाख रुपए की मदद दी जाएगी।

सर्वे में यह पता किया जा रहा है कि किन लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ मिला है। अगर लाभ मिल गया है तो घर क्यों नहीं बना? जमीन न होने से घर न बन रहा हो तो बिहार सरकार 60 हजार रुपए जमीन खरीदने के लिए अनुदान दे रही है। जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाएगा। ऐसे परिवार जिन्हें पहले पक्का घर मिला था और वे जर्जर हो चुके हैं उन्हें नया घर बनाने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना से मदद दी जाएगी।

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