डीटीसी बसों की लापरवाही से जनता परेशान


ऋषी तिवारी
नई दिल्ली | डीटीसी की बसों की मनमानी थमने का नाम ही नहीं ले रही है जो की परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत और अरविन्द केजरीवाल भी सिर्फ बोलने का काम करते नजर आ रहे है। यह भी देखा जा रहा है कि दिल्ली की डीटीसी बसों में कितने शिकायत कर्ता है जिन्होंने डीटीसी बसों के खिलाफ शिकायत भी किया होगा। जो दिन और रात दोनों के रूटों में बदलाव है कितने आम जनता ने इसके लिए शिकायत भी दर्ज किया है लेकिन इसपर कोई कारवाही अभी तक नहीं हो पाई है।

सूत्रों और सर्वे में देखा जा रहा है कि दिल्ली की जितनी भी सरकारी बसे है बस खाली होते हुवे भी बस स्टॉप पर नहीं रोके जाते है और शिकायत करके देखा गया है जो कितने शाल बिताते चले जा रहे है कोई भी करवाही नहीं किया गया बल्कि जनता को डीटीसी के बस ड्राइवर, कंडेक्टर सिर्फ धमकाते नजर आ आते है और देख जा रहा है कि डीटीसी की जितने मशीने है सब अधिकतर ख़राब भी है।

डीटीसी के जितने भी बस है यह सारी बसें स्टॉप पर नहीं रोकी जाती है सिर्फ ट्रैफिक औरो का बहाना बनाकर गाड़ी चलने का काम कराती है कितने लोगो को इन्होने टिकट भी सही नहीं देते है जब इसमें जनता इनसे बाटे करती है तो अपने पोलिस और ड्राइवर की मदद से उन्हें फ़साने का काम करते है।

देखा जाये तो डीटीसी के कितने कंप्लेंट है लेकिन इसपर सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है न परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत और नहीं अरविन्द केजरीवाल।
जबकि रात होते ही अधिकारी मनमानी और मिली भगत से रात में बस कम ही चलते है जो की बसों को रात में सिर्फ रात में कोई अधिकारी ध्यान भी नहीं देता है देके तो बोत बेस है जो की सिर्फ गिने चुने बसों के नाम बताया जा रहा है जो रात में काम और दिखावटी ही चलते है बस बम्बर ३९२, ३२३, ५१७, ५१८, ५१९, ५२३, ५३६ और बहोत सी बसे है जो और जानकारी के बाद मालूम होगी।

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