चुनावी रैलियों के खर्च के लिए मनसे को चुनाव आयोग का नोटिस


आर.पी.मौर्या
मुंबई। चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना से उसके अध्यक्ष राज ठाकरे की चुनावी रैलियों के खर्च के बारे में 90 दिन के भीतर जानकारी देने के लिये कहा है। एक चुनाव अधिकारी ने कहा कि भाजपा ने शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की थी कि मनसे की रैलियों के खर्च को उन नौ लोकसभा क्षेत्रों के विपक्षी पार्टी के उम्मीदवारों के खातों में दिखाया जाना चाहिये।

दिलीप शिंदे ने ने शुक्रवार को बताया कि मनसे को रैली के खर्च का ब्यौरा देने के लिए नोटिस दी गई है। पार्टी को 90 दिनों के भीतर इसकी जानकारी देनी होगी। शिंदे ने कहा कि भाजपा ने मनसे की रैलियों के खर्च के बारे में हमें पत्र लिखा था। जिस पर संज्ञान लेते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने भारत निर्वाचन आयोग का अभिप्राय मांगा था। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के अनुसार उम्मीदवारों और पार्टी के खर्च को लेकर एक नियमावली बनाई है। राजनीतिक दलों को पार्टी और उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार का खर्च अपने-अपने खाते में दिखाना पड़ता है।

चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार चुनाव प्रचार के लिए 70 लाख रुपए खर्च कर सकते हैं। लेकिन पार्टियों की तरफ से खर्च किए जाने वाली राशि की कोई सीमा निश्चित नहीं की गई है। इसलिए इस मामले में राजनीतिक दलों के लिए कोई मुश्किल नहीं होती।

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