मनपा के करोड़ों खर्च होने के बाद भी नाले कचरे से भरे पड़े?


आर.पी.मौर्या
वसई। वसई-विरार के नागरिकों को बारिश के दौरान जलभराव की समस्या अभी से सताने लगी है। पिछले साल वसई-विरार में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी, जिसमें 6 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया गया था। साथ ही करोड़ों रुपये का नुकसान भी हुआ था। मनपा ने इस वर्ष नाला सफाई के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट पास किया है। पिछले वर्ष लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये का बजट था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नागरिकों का कहना है कि मनपा शहर के बड़े-बड़े नालों की सफाई कर रही है, जबकि स्लम व झोपड़पट्टी इलाकों में नालों की सफाई बिल्कुल नहीं किया जा रहा है। देखा जाय तो यहां के नाले कचरे से भरे पड़े हुवे हैं। लोकसभा चुनाव की वजह से वसई-विरार मनपा क्षेत्र में नाला सफाई का काम देरी से शुरू हुआ है।

वसई-विरार मनपा क्षेत्र के लाखों निवासियों को हजारों समस्याओं से गुजरना पड़ता है। जिन मूलभूत सुविधाओं को लेकर यहां सांसद, विधायक और नगरसेवक चुने जाते हैं, करोड़ों खर्च होने के बाद भी यह काम नहीं हो पता हैं। देखा जय तो हर वर्ष मनपा नाला सफाई के लिए करोड़ों का बजट पास करती है। बजट का पैसा कहां जाता है, इसका जवाब कोई आदिकारी के पास नहीं है।

बारिश के समय वसई के माणिकपुर, स्टेशन परिसर, आनंद नगर, पूर्वी भाग। नालासोपारा के स्टेशन परिसर, आचोले रोड, अलकापुरी, गालानगर, एवरशाइन, शिर्डी नगर, सेंट्रल पार्क, विजय नगर, ओसवाल नगरी, मोरेगांव। तुलींज रोड पश्चिम के निलेमोरे, लक्ष्मीछेडा मार्ग, पाटणकर पार्क, हनुमान नगर, श्रीप्रस्था। विरार (पूर्व) मनवेलपाडा, कारगिल नगर, नाना नानी पार्क, फुलपाडा, स्टेशन परिसर, (पश्चिम) के एमबी इस्टेट, बोलींज, स्टेशन रोड आदि जगहों पर भारी जलभराव की समस्या है।

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