बिहार के पूर्व मुख्य मंत्री जगन्नाथ मिश्रा का निधन


राम नरेश ठाकुर ब्यूरो
पटना । लंबे समय से स्वास्थ संवंधी कई समस्याओं से जूझ रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्रा काआज दिल्ली में निधन हो गया वे 83 वर्ष के थे।ज्ञात हो की उनकी पत्नी वीणा मिश्रा का देहांत पिछले साल 73 वर्ष की आयु में हो गया था। उनके पीछे तीन पुत्र एवं तीन पुत्री सहित उनका भरा पूरा परिवार है।उनका जन्म सुपौल जिले के बलुआ बाजार में 24 जून1937 में हुआ था। वे प्रोफेसर के रूप में अपने कॅरियर की शुरुआत करते हुए बिहार विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर बने। लोगों की माने तो मुजफ्फरपुर से बाद के दिनों तक उनका गहरा लगाव रहा।वे तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री पद पर रहे। राजनीति में बचपन से ही उनकी रुचि थी।

उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ राजनितिक जीवन की शुरुआत की। उनके बड़े भाई, ललित नारायण मिश्र राजनीति में थे। वर्ष 1975 में पहली बार वे बिहार के मुख्यमंत्री बने. दूसरी बार 1980 और आखिरी बार 1989 से 1990 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। वे केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के पद पर भी रहे। डॉ मिश्र का नाम बिहार के बड़े नेताओं में शुमार है। कांग्रेस छोड़ने के बाद, वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गये। बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाला की शुरुआत जगन्नाथ मिश्रा के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए ही हो चुकी थी। हालांकि, मामले का खुलासा उससमय हुआ, जब 1990 के दशक में लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री थे। जगन्नाथ मिश्रा पर आरोप था कि इन्होंने दुमका और डोरंडा निधि से धोखाधड़ी कर रुपये निकाले। सीबीआई अदालत ने डॉ मिश्रा को चार साल की सजा सुनायी. साथ ही दो लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया था। वे स्वभाबतह ब्यक्तित्व के धनि थे, इसी कारन इनके सभी दलों के नेताओं से इनके पारिवारिक सम्बन्ध थे।

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