कबाड़ बनी कचड़ा ढोने वाली गाड़ियां,शहर में कचरों का लगा अंबार

रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:-स्वच्छ नगर,सुंदर जमुई का नारा आये दिन खोखला साबित हो रहा है।नगर परिषद की कूड़ा ढोने वाली एक दर्जन गाड़ीयां कबाड़ बनी हुई है जो नगर परिषद की शोभा बढ़ा रही है।नतीजतन शहर में जहाँ-तहाँ कूड़ों का अंबार लगा हुआ है।तकरीबन 15 से 20 दिनों से नगर परिषद के सफाई कर्मियों द्वारा कूड़े को उठाया नहीं जा रहा है।सुपरवाइजर की माने तो नगर परिषद 26 से 27 छोटी-बड़ी गाड़ियां है जिनमें 12 से अधिक गाड़ी खराब है।वहीं नगर परिषद के बड़ा बाबू त्रिपुरारी ठाकुर से पूछने पर उन्होंने तो पहले ये सब बातें बताने से इनकार कर दिया फिर दबे ज़ुबानों से उन्होंने बताया कि नगरपरिषद में कुल 15 सफाई गाड़ी है जिनमे 06 गाड़ी खराब हुई थी लेकिन उसे बनाने के लिए भेज दिया गया है जबकि सारी खराब गाड़ीयां बनने के लिए नहीं गई हैं बल्कि नगर परिषद के मुख्य द्वार के सामने खड़ी होकर नगर परिषद की शोभा बढ़ा रही है।बताया जाता है कि गाड़ियों के खराब होने में बड़ा घालमेल है।15 दिनों से खराब पड़ी गाड़ियों को बनवाना उचित नहीं समझा जा रहा है।पदाधिकारी से लेकर संवेदक तक लापरवाह बने बैठे हैं।इतना ही नहीं सूत्रों की माने तो सफाई वाहन तकरीबन एक महीने से खराब पड़ी है लेकिन कागजों पर सभी वाहन चल रही है।

प्रत्येक दिन नहीं की जाती है वार्ड में सफाई
वहीं स्थानिए लोगों की माने तो नगर परिषद द्वारा सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है आधा-अधूरा सफाई कर जवाबदेही से बच तो जाते हैं।लेकिन विभाग के लापरवाही की मार आम लोगों को झेलना पड़ता है।थोड़ी सी बारिश होते ही लोगों का जीना मुहाल हो जाता है।वैसे भी जहाँ प्रत्येक दिन नगर परिषद के तीसों वार्डों की सफाई होनी चाहिए तो वहीं 4 से 5 दिनों में संवेदक द्वारा सफाई की जाती है हालांकि कागजों पर प्रत्येक दिन सफाई का कार्य दर्शाया जाता है।ऐसे में न तो पदाधिकारियों की आंख खुल रही है और न ही अभी तक पदाधिकारी सफाई को लेकर किसी वार्ड को देखने गए हैं।ऐसे में संवेदक खूब मनमानी कर रहे हैं।

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