लालची पुत्र ने जायदात की खातिर अपने पिता पर किया जानलेवा हमला


रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:-सिकन्दरा थानाक्षेत्र के रामडीह गांव में सोमवार की देर रात्रि एक कलियुगी नालायक बेटे ने महज कुछ कुछ रुपयों और जमीन की खातिर अपने पिता पर जानलेवा हमला कर दिया।बीचबचाव करने गई माँ को भी मारकर जख्मी कर दिया|घटना से गांव में सनसनी फैल गई है।बताया जाता है कि रामडीह गांव निवासी बाल्मीकि राम अपने कमरे में सोया हुआ था।इसी बीच आधी रात को उसके इकलौते पुत्र राजकुमार राम ने सोये अवस्था में ही पिता पर कुदाल से प्रहार कर दिया|हालांकि ज्यों हीं राजकुमार ने लाइट जलायी उसकी माँ की नींद खुल गई।हाथों में कुदाल देख माँ दौड़ पड़ी।तब तक बेटेने अपने पिता पर लगातार कुदाल से प्रहार करना शुरू कर दिया।वहीं बीचबचाव के करने पहुँची माँ को भी मारकर जख्मी कर दिया।हालांकि हो हल्ला होने पर ग्रामीणों की शोरगुल सुन वह वहाँ से भाग निकला|बाद में ग्रामीणों के सहयोग से दोनों जख्मी माता पिता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकन्दरा लाया गया।जहां से बेहतर ईलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई रेफर कर दिया गया।दोनों खतरे से बाहर बताया जाता है|

बताया जाता है कि एकलौता पुत्र जमीन की खातिर प्रायः अपने माता पिता के साथ करता था।घायल पिता ने बताया कि राजकुमार उसके ऊपर कई वर्षो से जमीन जायदाद उसके नाम कर देने की बात कह रहा था|नहीं लिखने की बात पर हमेशा मारपीट करते रहता था।जख्मी माता पिता के फर्द ब्यान पर सिकन्दरा थाने में बेटे राजकुमार के विरुद्ध जानलेवा हमला करने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है|

मुखिया से पिता ने लगाई थी जान-माल के सुरक्षा की गुहार
एक दिन पूर्व जख्मी पिता ने मुखिया व सरपंच से जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई थी। बेटे के जानलेवा हमले से घायल पिता बाल्मीकि राम अपने बेटे के द्वारा मारपीट करने से तंग आ गया था।इसी क्रम में रविवार को पंचायत के मुखिया व सरपंच से मिलकर जानमाल के सुरक्षा की गुहार लगाते हुए पंचायत के माध्यम से सुलहनामा की मांग की थी।पर उसे क्या पता कि उसके कलियुगी पुत्र एक दिन बाद ही उस पर जानलेवा हमला कर देगा|

जमीन जायदाद को लेकर माता पिता पर जानलेवा हमला करने वाला हमलावर राजकुमार की कहानियां भी कुछ अजीब है|राजकुमार आज से 25 वर्ष पूर्व अपने माता पिता के राजी खुशी के अनुसार शादी की थी|जिससे उसे पाँच पुत्रियां पैदा हुई|कुछ दिन बाद पुत्र नहीं होने पर वह अपनी पत्नी को जहर देकर मार डाला।तत्पश्चात झारखण्ड में किसी अन्य लड़की से शादी रचा ली|उससे इसे एक पुत्र व एक पुत्री पैदा हुआ|अपनी दूसरी पत्नी एवं उससे हुए बेटे बेटी के साथ पश्चिम बंगाल में रहने लगा|जहाँ वह किसी प्राइवेट कंपनी में काम करना शुरू कर दिया|उसकी पहली पत्नी के मरने के बाद पांचो पुत्रियों का लालन पालन राजकुमार के माता पिता अर्थात उसके दादा दादी करना शुरू कर दिया|जिसमें राजकुमार के पिता ने स्वयं चार पुत्री की शादी भी कर दी है|बेटी के लालन पालन का राजकुमार प्रायः विरोध किया करता था|वहीं पांचो पुत्रियों को कहीं भगा देने की बात कहता था|पुत्रियों के लालन पालन करने को लेकर पिता पुत्र के बीच उसी समय से कटास उत्पन्न हो गई|राजकुमार के मन में यह भय सताने लगा कि पूरा जमीन जायदाद मेरे पांचो बेटी के नाम ही कर देगा|बहरहाल जमीन जायदाद की लालच ने उसे प्रायः घर की ओर खींच लाया।इधर अपने पिता से भयभीत पांचो बेटी ने भी कुछ दिन पूर्व सिकन्दरा थाने में जाकर अपने पिता राजकुमार राम के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी।

 

Comments are closed.