बिहार के सभी पुलों का बनेगा हेल्थ कार्ड :- मुख्यमंत्री नीतीश


राम नरेश ठाकुर, ब्यूरो
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पुल-पुलियों का बेहतर रख-रखाव उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उनका निर्माण है । तब लोगों को उसका लाभ मिल पायेगा । हम लोगों ने निर्णय लिया है कि सभी पुलों का हेल्थ कार्ड बनाया जायेगा और सरकार के पास रिकॉर्ड रहेगा कि कौन पुल किस हालत में है। इनका सेफ्टी ऑडिट भी किया जायेगा । जहां कमी दिखेगी, तुरंत उसकी मरम्मत होगी। सड़कों के निर्माण के साथ ही सात वर्षों तक उसकी मरम्मत की भी व्यवस्था की जाती है। इसी तरह पुलों की मरम्मत नीति बन रही है, जो जल्द आएगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को ज्ञान भवन में ‘मेजर ब्रिजेज इन बिहार : इनोवेशन एंड चैलेंजेज’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में बोल थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुलों की मरम्मत का प्रोटोकॉल बनाएं। पुल प्रबंधन प्रणाली विकसित की जा रही है। उसमें रूटीन निरीक्षण का प्रावधान करें। नदियों पर जो बड़े पुल बने हैं, उसका अंडर वाटर निरीक्षण भी करें। पुल की क्या ताकत है, यह जानना जरूरी है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य के किसी भी क्षेत्र से राजधानी पटना पांच घंटे में पहुंचने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है। इसके लिए बड़ी संख्या में पुल-पुलियों एवं पथों का निर्माण कराया जा रहा है। वर्ष 2017 में फ्लैश फ्लड आया था, जिसके कारण राज्य की सड़कों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग के पुल एवं सड़क भी क्षतिग्रस्त हुए थे। इस विषय पर भी चर्चा होनी चाहिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में होने वाले निर्माण कार्यों में कैसे बेहतर तकनीक का प्रयोग किया जाय। पुलों का निर्माण ऐसा हो कि नदियों के प्रवाह में अवरोध न हो। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम का वार्षिक टर्न ओवर 57.39 करोड़ था, जो वर्ष 2018-19 में 28 गुणा बढ़कर 1600 करोड़ हो गया है।

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