अगर मांगें नहीं मानी गई तो और उग्र आंदोलन करेंगे :-बिहार के नियोजित शिक्षक


राम नरेश ठाकुर, ब्यूरो
पटना। बिहार में 7 सूत्रीय मांगों को लेकर नियोजित शिक्षक गुरुवार को सड़क पर उतर आए और विधानसभा का घेराव करने जा रहे शिक्षकों ने पुलिस बैरिकैडिंग तोड़ने की कोशिश की।जिसपर पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को बहुत समझाने की भी कोशिश की लेकिन वे नहीं माने और प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, तब पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। जिसमे पुलिस और शिक्षकों में झड़प हो गई, इसमें कई पुलिसकर्मी और शिक्षकों को चोटें आई हैं।

बिहार के नियोजित शिक्षकों के संघ ने आज बिहार विधानसभा घेराव कर रहे है। विधासभा घेराव के इस कार्यक्रम शिक्षकों के कई संगठन शामिल है। प्रदेश के कोने-कोने बड़ी संख्या में प्राइमरी, मीडिल स्कूल के शिक्षक पटना पहुंचे हैं। राज्य के सभी शिक्षक वेतनमान मामले को लेकर सरकार से लगातार नाराज चल रहे हैं और पहले भी कई दफा आंदोलन कर चुके हैं।

नियोजित शिक्षकों का कहना है कि सरकार हमारी मांगों को दबाना चाहती है। हमारी मांग है कि शिक्षा में निजीकरण को रोका जाए। साथ ही पुराने शिक्षकों को पदोन्नति दी जाए और समान काम समान वेतन का लाभ मिले। शिक्षकों का कहना है कि जब तक सरकार हमारी मांग नहीं सुनेगी, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। शिक्षकों के धरना-प्रदर्शन पर शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा का कहना है कि बातचीत से रास्ता निकलता है। धरना-प्रदर्शन से कुछ नहीं होने वाला। शिक्षक अपनी बातों को हमारे सामने रखें, उसमें उचित मांगों पर सरकार विचार करेगी।

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