भारतीय उदयमान पुरस्कार से जमुई के शिवेंदु को किया गया सम्मानित


रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:-आत्मविश्वास,संघर्ष और सच्चाई से मेहनत ये वैसे मूलमंत्र हैं जिसके छोर का सहारा लेकर एक आम इंसान फर्श से अर्श तक की सफर तय करता है।ऐसी ही तर्ज पर जमुई जिले के बरहट थाना क्षेत्र के कटौना गांव के स्थानीय निवासी प्रो.शुकदेव ठाकुर के पुत्र डॉ. शिवेन्दु आलोक उभर रहे हैं।बताते चलें कि शिवेन्दु 2010 से ही पटना में निःशुल्क शिक्षा का ज्योत जलाकर 500 से भी अधिक नौजवानों की जिन्दगियों में उजाला ला चुके हैं।
गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासरत रहने वाले शिवेन्दु कहते हैं कि टीचिंग उनका प्रोफेशन नहीं बल्कि हॉबी है। यही कारण है कि बिहार/झारखंड दरोगा,रेलवे एनटीपीसी,एएलपी में तकरीबन 500 छात्र अपने कैरियर को संवार चुके हैं।

डॉक्टरेट की मिल चुकी है उपाधि
शिवेंदु ने मगध यूनिवर्सिटी से पीएचडी करके डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की। इनके मित्र शशांक बताते हैं कि कॉलेज के दिनों से ही शिवेन्दु शोक में गहन रूचि रखते हैं।फिलहाल शिवेन्दु पटना में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी करते हुए निःस्वार्थ गरीब असहाय बच्चों का भविष्य उज्ज्वल करने में अपना अहम योगदान दे रहे हैं।

पिता का है सपना, देश सेवा करे बेटा
शिवेन्दु के पिता प्रो. शुकदेव का सपना है कि उनका बेटा केंद्रीय लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर देश व समाज सेवा करे। इसके लिए इनके पिता उन्हें समय समय पर प्रेरित करते रहते हैं ताकि उनके सपनों में वास्विकता के रंग भर सके।

भारतीय उदयमान पुरस्कार से हुए हैं सम्मानित
शिक्षा के क्षेत्र में अनवरत मेहनत व उपलब्धि के लिए ‘द अचीवर्स फांउडेशन’ द्वारा भारतीय उदयमान पुरस्कार 2019 से शिवेन्दु को समानित किया जा चुका है। इस सम्मान ने न केवल शिवेन्दु का उत्साहवर्धन किया बल्कि उन्हें और भी ऊर्जस्वी होकर लक्ष्योन्मुख होने को अभिप्रेरित भी किया।

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