एक्शन में मोदी सरकार, यासीन मलिक समेत 18 अलगाववादियों की सुरक्षा वापस ली गई

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श्रीनगर: पुलवामा हमले के मद्देनजर जम्मू एवं कश्मीर के 155 नेताओं और 18 अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा हटा दी गई है। 14 फरवरी को हुए सीआरपीएफ(CRPF) के काफिले पर हुए हमले में 40 जवान शहीद हो गए।

गृह मंत्रालय द्वारा बुधवार शाम को जारी बयान के अनुसार 18 फरवरी को हटाई गई अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा के अलावा अलगाववादियों और मुख्यधारा के कुछ नेताओं की सुरक्षा हटाई जा रही है या कम की जा रही है।

नए आदेश के मुताबिक, नई सूची में नेशनल कांफ्रेंस, पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP), भारतीय जनता पार्टी(BJP) और कांग्रेस के नेताओं के नाम शामिल हैं।

जिन लोगों की सुरक्षा हटाई गई है, उनमें हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी, जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) प्रमुख यासिन मलिक, पूर्व आईएस अधिकारी शाह फैजल और पीडीपी नेता वहीद पारा भी शामिल हैं।

अधिकारियों मे यहां कहा, “इन लोगों को दिए गए 1,000 से अधिक निजी सुरक्षा गार्ड और 100 गाड़ियां अब हटाई जा रहे हैं।”

ये है चार सबसे बड़े अलगाववादी नेता

मीरवाईज उमर फारूक, शबीर शाह, प्रोफेसर अब्दुल गानी भट और बिलाल लोन की सुरक्षा सोमवार को हटा ली गई थी।

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