लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत जिला को पूरी तरह से खूले में शौच मुक्त करने का जिलाधिकारी ने लिया निर्णय


ब्यूरो रमेश शंकर झा,समस्तीपुर बिहार
समस्तीपुर:- जिला ग्रामीण विकास अभिकरण समस्तीपुर के द्वारा जल एंव स्वच्छता समिति के अध्यक्ष सह जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समस्तीपुर जिले के शहरी एंव ग्रामीण क्षेत्रों को खूले में शौच से मुक्त करने को लेकर समाहरणालय के सभाकक्ष में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया।
प्रेस को संवोधित करते हुऐ जिलाधिकारी चन्द्रशेखर सिंह ने बताया कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के अंतर्गत समस्तीपुर जिला को 02 अक्टूबर 2019 तक विधिवत रूप से खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जाना है तथा उक्त तिथि को ही माननीय मुख्यमंत्री द्वारा बिहार राज्य को खुले में शौच से मुक्त राज्य घोषित किया जाएगा।

समस्तीपुर जिला को खुले में शौच से मुक्त घोषित किए जाने से पूर्व यह आवश्यकता है कि एक भी परिवार, टोला, गांव, महादलित परिवार शौचालय आच्छादन से वंचित ना रह सके। इस निमित्त दिनांक 17.08.2019 को विभागीय समीक्षात्मक बैठक में मुख्य सचिव बिहार द्वारा निर्देशित किया गया है की 31 अगस्त 2019 तक हर हाल में वैसे परिवार, टोला, गांव, महादलित परिवार जिनके घरों में शौचालय का निर्माण नहीं कराया जा सका है, उन को चिन्हित कर वैसे सभी घरों में शौचालय से आच्छादन कराया जाना है।

जिससे कि खुले में शौच से मुक्त का उद्देश्य वास्तविक रूप में पूर्णरूपेण सफल हो सके। जिला उप विकास आयुक्त वरूण कुमार मिश्रा ने पत्रकारों को संवोधित करते हुए कहां की अब तक ग्राम पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य, सरपंच, जिला पार्षद, प्रखंड प्रमुख, पंचायत समिति सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि द्वारा लोहिया बिहार अभियान के क्रियान्वयन में मेहनती भूमिका निभाते हुए अपनी पंचायत, समुदाय के द्वारा खुले में शौच मुक्त घोषित कराया है तथा पंचायतों का भी भौतिक सत्यापन का कार्य प्रगति पर है।

वहीँ निदेशक डीआरडीए के पुनम कुमारी ने कहां की छूटे हुऐ परिवार या स्कूटनी में छांटे गए परिवार को आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2019 निर्धारित है। उक्त निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदन की एम०आई०एस० प्रविष्टि तथा प्रोत्साहन राशि का भुगतान भारत सरकार द्वारा बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद लाभुकों से प्राप्त आवेदन पर कोई विचार नहीं किया जा सकता है। उपरोक्त परिपेक्ष में अनुरोध किया है कि अपने पंचायत क्षेत्र के वैसे परिवार, टोला, गांव, महादलित परिवार जो किसी कारणवश शौचालय आच्छादित है और ना ही बेसलाइन सर्वे में नाम दर्ज है। उन्हें बेसलाइन सर्वे में चिन्हित एवं प्रोत्साहित कर उनके घरों में शौचालय का निर्माण कराना सुनिश्चित किया जाएगा साथ ही लाभुकों से विहित पंचायत प्रपत्र में आवेदन प्राप्त कर दिनांक 27 अगस्त 2019 तक पूर्ण किया जाएगा।

उन्होंने बताया की जिले के कोई भी लाभार्थी स्वत: अपना आवेदन एंड्राइड मोबाइल से पंजीकृत कर सकते हैं, इसके लिए लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के वेबसाइट https://lsba.bih.in पर निर्धारित लिंक शौचालय आच्छादन से छूटे हुए घरों बेसलाइन से छुटे हुए लाभार्थी इसे मोबाइल ऐप से डाउनलोड कर सकते है। इस ऐप के माध्यम से शौचालय अनुदान के इच्छुक परिवार अपना पूर्ण विवरण ऑनलाइन भर सकते है ताकि छोटे हुए लाभार्थियों को नियमानुकूल प्रोत्साहन राशि भुगतान की कार्रवाई किया जा सके। उक्त माध्यमों से भारत सरकार द्वारा आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2019 निर्धारित किये जाने की बात कही। वहीं पत्रकारों द्वारा शौचालय निर्माण के लक्ष्य के बारे में ग्रामीण विकास आयुक्त से पुछा गया तो उन्होंने बताया की 445635 शौचालय का निर्माण किया गया है जो की लक्ष्य का 99.60 प्रतिशत पुरा किया गया है।

वहीं दो बार योजना का लाभ लेने वाले 16 परिवार पर कार्रवाई किया गया है। अनुदान राशि की वापसी के लिए उसमें से 12 परिवारों ने वापस कर दिया बाकी 04 से अनुदान राशि की वापसी की प्रक्रिया जारी है। सभी परिवार को भुगतान मिल चुका है। भुगतान पाने वाले करीब 29 हजार परिवार अभी लम्वित है। प्रेसवार्ता के मौके पर जिलाधिकारी चन्द्रशेखर सिंह के अलावे जिला उपविकास आयुक्त वरूण कुमार मिश्रा, डीआरडीए के निदेशक पुनम कुमारी सहित जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी बालमुकुंद ने भी संवोधित किया।

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