मंगल पांडेय ने की ‘अनीमिया मुक्त बिहार’ अभियान की शुरुआत


राम नरेश ठाकुर, ब्यूरो
पटना। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि भारत सरकार के ‘अनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम’ का लक्ष्य साल 2018 से 2022 तक बच्चों, किशोरों और 15-49 वर्ष की महिलाओं में अनीमिया में प्रति वर्ष 3 प्रतिशत अंक की कमी लाना है। 2022 तक इसका लक्ष्य 15 प्रतिशत की कमी लाने का है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के अनुसार, भारत में 6-59 माह के बच्चों में 63.5 प्रतिशत अनीमिया से प्रभावित है। अगर हम पिछले राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-3 को देखे तो उससे ये 78 प्रतिशत था। इसमें काफी कमी आई है।

कार्यक्रम का शुभारंभ राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, अम्लाटोला में स्वस्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति मनोज कुमार, प्रशासी पदाधिकारी अरशद खालिद, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. विजय नारायण राय, यूनीसेफ बिहार प्रमुख असदुर रहमान, स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ हुबे अली, पोषण विशेषज्ञ रवि नारायण पाढ़ी, पोषण पदाधिकारी डॉ शिवानी डार की उपस्थिति में दीप प्रज्वालित कर किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने 6 से 59 माह के 5 बच्चों को आयरन सीरप और 5 साल से 9 साल तक के 5 बच्चों को आयरन की गोली खिलाकर इस कार्यक्रम की शुरूआत की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने कहा कि अनीमिया एक गंभीर समस्या है. बिहार में 15-49 वर्ष की महिलाओं में अनीमिया का प्रतिशत 60.3 है, जो राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। अनीमिया एक गंभीर जन-समस्या है यह मातृ-मृत्यु का एक कारण भी है। बाल्यावस्था में लौह तत्व की कमी से शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। इस अभियान के अंतर्गत बिहार के 6 से 59 माह और 5 साल से 9 साल तक के 3.2 लाभार्थियों तक पहुंचेगा. यह अभियान पोषण अभियान के लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक साबित होगा।

राज्य स्वास्थ्य समिति के प्रशाषी पदाधिकारी अरशद खालिद ने कहा कि यह अभियान बिहार के बच्चों को अनीमिया से मुक्त करने में मदद करेगा। इस कार्यक्रम को तीनों विभागों स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और समेकित बाल विकास सेवाएं द्वारा क्रियान्वयन किया जाना है और इस कार्यक्रम के सफलतापूर्वक संचालन में सभी का सहयोग अपेक्षित है। यूनीसेफ बिहार के पोषण विशेषज्ञ रवि नारायण पाढ़ी ने कहा कि अनीमिया हमारे राज्य के लिए काफी गंभीर समस्या है और इसका दुषप्रभाव छोटे बच्चों से लेकर स्तनपान करवाने वाली मातों तक होता है। बिहार सरकार की अनीमिया मुक्त बिहार पहल काफी सराहनीय है। इसमें 6 माह की उम्र से लेकर स्तनपान करवाने वाली महिलाओं तक को जोड़ा जायेगा। यह पहल बिहार में कुपोषण को भी कम करने में कारगर साबित होगा।

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