मानसिक रोग का इलाज है सम्भव,न करें अनदेखा:- मनोवैज्ञानिक उदय कुमार


रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:-आज के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी रूप से मानसिक बीमार होता है।चाहे वो बड़े ओहदे पर हों या श्रम करने वाला मज़दूर ही क्यों न हो।कुछ मानसिक बीमारियां तो घर-परिवार के हालात के अनुसार ठीक हो जाते हैं परंतु बहुत ऐसी भी मानसिक बीमारियां हैं जो बिना चिकित्सीय सलाह के ठीक नहीं होते हैं।सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. नगीना पासवान ने बताया कि हाल ही में किये गए अनुसंधान से पता चला है कि हर तीसरा व्यक्ति मानसिक बीमारी से ग्रसित होता है।मनुष्य में मानसिक रोग दो प्रकार की होती है एक ऑर्गेनिक जिसके अंतर्गत नशा,एक्सीडेंट,असाध्य रोग आदि हैं।या जिसके कारणों का पता चल सके।दूसरा ननऑर्गनिक यानी जिसके कारण का पता नहीं चल पाए जैसे मानसिक रोग में सबसे खतरनाक बीमारी सिजोफ्रेनिया है।

95 प्रतिशत मानसिक रोग पर पाया जा सकता है काबू
मानसिक रोग के डॉ.नगीना पासवान ने बताया कि 95% मानसिक रोग पर काबू पाया जा सकता है।दो वर्ष तक लगातार दावा चलने से
25 प्रतिशत मानसिक रोगी बिल्कुल ठीक हो जाता है।50 प्रतिशत मानसिक रोगी जिसके दावा छोड़ने के कुछ महीने या वर्ष के बाद फिर दुबारा उसी रोग से ग्रसित हो जाता है और बाकी 25 प्रतिशत रोगी का दावा जीवन भर चलते रहता है।

मनुष्य के ब्रेन में होता है न्यूरो ट्रांसमीटर
आगे उन्होंने मानसिक बीमारी के बारे में विस्तारपूर्वक बताते हुए कहा कि हर मनुष्य के मस्तिष्क में न्यूरो ट्रांसमीटर होता है।जो मनुष्य के ब्रेन में हमेशा ऊपर-नीचे यानी घर्षण करते रहता और केमिकल को निकालते रहता है।यही उतार-चढ़ाव जब मनुष्य के मस्तिष्क में बढ़ जाता है तो मनुष्य मानसिक रोग से ग्रसित हो जाता है।इसी को सामान्य रखने के लिए इससे संबंधित दवाइयां दी जाती हैं।

जीवन के उतार-चढ़ाव से मनुष्य मानसिक रोग से होता है ग्रसित
सदर अस्पताल में पदस्थापित मनोवैज्ञानिक उदय कुमार का कहना है कि जीवन में आर्थिक एवं सामाजिक विषमताओं के बढ़ने, दिन-प्रतिदिन बढ़ती प्रतियोगिता ,नशा करने ,एक्सीडेंट होने या कठिनाइयों की वजह से तनाव में आने एवं जीवन में असफलता हाथ लगने पर व्यक्ति मानसिक बीमारियों की चपेट में आ जाता है।मानसिक बीमारी के कई लक्षण होते हैं।जिनका इलाज समयानुसार सम्भव है।

मानसिक बीमारी के लक्षण:-
मनोवैज्ञानिक उदय कुमार ने बताया कि मानसिक बीमारी के लक्षणों में प्रमुख नींद की कमी,शारीरिक और मानसिक थकान,काम में मन न लगना,उत्साह की कमी, हमेशा अकेलापन रहना,बार-बार विचारों का आना,वैसी चीजों का देखना और सुनना जो आस-पास नहीं हों,क्रोध,भय,चिंता,अपराध बोध,उदासी या खुशी की लगातार अनुभूति होना आदि जैसे लक्षणों के आने पर तुरंत मनोचिकित्सक एवं मनोवैज्ञानिक से सलाह लें।

मानसिक बीमारी से बचाव:-
मानसिक बीमारी से बचने का आसान तरीका यही है कि मनुष्य को तनाव से दूर रहना चाहिए।नशीली वस्तु का प्रयोग नहीं करना चाहिए।तनाव से बचने के लिए दोस्तों या रिश्तेदारों से दिल की बात को शेयर करना चाहिए।क्रोध व तनाव से बचना चाहिए। मेडिटेशन व योगा से तनाव कम किया जा सकता है तथा नियमित रूप से सैर के लिए वक़्त निकालें।यदि कोई बात या समस्या परेशानी का सबब बन रही हो तो उसे अपने दोस्तों या परिवारों के साथ साझा करें।

सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं मानसिक रोगी,लोगों को किया जा रहा है जागरूक
सदर अस्पताल के मनोवैज्ञानिक उदय कुमार ने बताया कि लोगों को मानसिक रोग के प्रति जागरूक करने के लिए विभाग की ओर से स्कूल,आंगनबाड़ी केंद्र,पंचायत एवं गांवों में जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि मानसिक रोग का इलाज ज़रूरी है इसे अनदेखा बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिए।नहीं तो बाद में इसके परिणाम खतरनाक हो सकते हैं।बताते चलें कि जमुई सदर अस्पताल में मानसिक रोग का इलाज मनोवैज्ञानिक उदय कुमार और डॉ. नगीना पासवान द्वारा किया जा रहा है।जहाँ प्रत्येक महीने 100 से 120 मानसिक रोग से ग्रसित लोग पहुंचते हैं।

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