मिशन मंगल 100 वैज्ञानिकों से बात कर तैयार की गई कहानी है


अमूमन हॉलीवुड की इस जोनर की फिल्मों का बजट 500 करोड़ से ज्यादा का होता है। जैसे ग्रैविटी का बजट 100 मिलियन अमरीकी डॉलर था। इंटरस्टेलर 165 और द मार्शियन 108 मिलियन डॉलर में बनी थी। इन सबके उलट मिशन मंगल ऑफिशियली महज 32 करोड़ में बनी है। कहा जा रहा है कि अक्षय ने यह निवेश मजबूत स्क्रिप्ट की वजह से किया। उन्हें कहानी बेहद पसंद आई। उन्होंने आउटराइट बेसिस पर आगे फॉक्स स्टार इंडिया को बेचा है। रकम 52 करोड़ से ज्यादा की मानी जा रही है।

जगन को उनकी मदद से इसरो के और भी वैज्ञानिकों से बात करने का मौका मिला। जगन शक्ति ने बताया, “मिशन का गहराई से अध्ययन किया। यह जाना कि इतनी कम लागत में मंगल तक एक रॉकेट कैसे जा सकता है। इसके लिए हमने सौ से ज्यादा वैज्ञानिकों से बात की। उनसे मिले इनपुट्स से हमने फिल्म की कहानी डिजाइन की। एक जुगाड़ यह था कि हर तीन साल पर मंगल छह करोड़ किलोमीटर नजदीक आ जाता है। तो वैसी तारीख में यान भेजा गया, जब पृथ्वी से मंगल की दूरी कम थी। साथ ही स्वदेसी निर्मित रॉकेट में ही 1000 किलोग्राम ईंधन के साथ मंगल पर भेजा गया।

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